रायबरेली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि जब तक सनातन धर्म की ध्वजा ऊंची लहराती रहेगी, तब तक कोई भी शक्ति भारत को नुकसान नहीं पहुंचा सकती। उन्होंने सनातन धर्म को केवल पूजा-पद्धति तक सीमित अवधारणा मानने से इनकार करते हुए इसे समाज की जीवन शक्ति, कर्तव्यबोध और राष्ट्र की प्रेरक शक्ति बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपराओं ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री रायबरेली में आयोजित शिव महापुराण कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत ने धर्म को कभी केवल पूजा-पाठ, कर्मकांड या उपासना की अलग-अलग विधियों तक सीमित नहीं रखा। भारतीय चिंतन में धर्म का अर्थ व्यापक है। यह व्यक्ति को उसके कर्तव्यों का बोध कराता है और समाज को एकजुट रखते हुए राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, “हमने धर्म को केवल पूजा-पाठ के तरीकों तक सीमित नहीं रखा। हमने इसे समाज की जीवन शक्ति के रूप में स्वीकार किया, इसे अपने कर्तव्यों से जोड़ा और राष्ट्र की प्रेरक शक्ति माना।” उन्होंने कहा कि धर्म का वास्तविक स्वरूप समाज को विभाजित करने के बजाय जोड़ने वाला है। यह लोगों के भीतर सेवा, त्याग, अनुशासन और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करता है।
मुख्यमंत्री ने भारत के मध्यकालीन इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय देश को राजनीतिक कमजोरियों के कारण विदेशी आक्रमणों का सामना करना पड़ा। आक्रमणकारियों ने भारत के पवित्र स्थलों और सांस्कृतिक प्रतीकों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन वे देश की आध्यात्मिक चेतना को समाप्त नहीं कर सके। योगी के अनुसार, इसका प्रमुख कारण भारत की मजबूत धार्मिक और ज्ञान परंपरा थी, जिसे संतों, महात्माओं और व्यास पीठों ने लगातार आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि व्यास पीठों ने संकट के दौर में समाज को दिशा देने का काम किया। इन आध्यात्मिक केंद्रों से मिलने वाली शिक्षा ने लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखा और सामाजिक एकता को मजबूत किया। राजनीतिक सत्ता कमजोर होने के बावजूद भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराएं जीवित रहीं। इन्हीं परंपराओं ने समाज में आत्मविश्वास पैदा किया और देश को बार-बार उठ खड़ा होने की शक्ति प्रदान की।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिव महापुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथ केवल कथा या आध्यात्मिक ज्ञान के स्रोत नहीं हैं, बल्कि इनमें मानव जीवन, समाज और प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित करने का संदेश भी मौजूद है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने धार्मिक कथाओं और व्यास पीठों को सामाजिक जागरण का प्रभावशाली माध्यम भी बताया।
मुख्यमंत्री के संबोधन का मुख्य केंद्र धर्म, कर्तव्य और राष्ट्र के बीच संबंध रहा। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपने कर्तव्य को धर्म से जोड़कर देखता है, तो वह केवल व्यक्तिगत हित तक सीमित नहीं रहता। उसमें परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। यही दृष्टिकोण भारत की सनातन परंपरा की विशेषता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति ने अलग-अलग उपासना पद्धतियों और विचारों को सम्मान दिया है। इसके बावजूद देश को एक सूत्र में बांधने वाली मूल चेतना सनातन मूल्यों से प्रेरित रही है। सामाजिक समरसता, परस्पर सहयोग और लोककल्याण की भावना इसी परंपरा के महत्वपूर्ण अंग हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से इन मूल्यों को अपने व्यवहार और दैनिक जीवन में उतारने का आह्वान किया।
योगी ने कहा कि सनातन धर्म की शक्ति उसकी व्यापकता और निरंतरता में है। समय के साथ राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियां बदलती रहीं, लेकिन भारत की आध्यात्मिक परंपरा ने अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी। संतों और धर्माचार्यों ने समाज में जागरूकता पैदा करने के साथ संकट के समय लोगों को साहस तथा दिशा भी दी।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य केवल कथा सुनना नहीं होना चाहिए। इनसे मिलने वाली शिक्षाओं को जीवन में अपनाना भी आवश्यक है। यदि व्यक्ति सत्य, सेवा, करुणा, कर्तव्य और राष्ट्रहित की भावना को अपने आचरण में शामिल करता है, तभी ऐसे आयोजनों की सार्थकता सिद्ध होगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक परंपराएं भविष्य में भी देश को मजबूत बनाए रखेंगी। उनका कहना था कि सनातन धर्म की ध्वजा ऊंची रहने का अर्थ भारतीय मूल्यों, सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का मजबूत बने रहना है। जब समाज अपनी विरासत और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहता है, तब बाहरी चुनौतियां उसकी एकता को कमजोर नहीं कर सकतीं। रायबरेली में मुख्यमंत्री के शिव महापुराण कथा कार्यक्रम की जानकारी सार्वजनिक वीडियो विवरण में भी दर्ज की गई है।