आगरा। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को आरबीएस कॉलेज खंदारी में आयोजित खटीक समाज गर्जना सम्मेलन में शामिल हुए। रक्षा मंत्री विशेष विमान से आगरा वायुसेना के तकनीकी क्षेत्र में पहुंचे, जहां केंद्रीय मंत्री और आगरा के सांसद प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने उनका स्वागत किया। इस दौरान आगरा मंडल के आयुक्त समेत पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

वायुसेना के तकनीकी क्षेत्र में पहुंचने के बाद रक्षा मंत्री निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आरबीएस कॉलेज के लिए रवाना हुए। उनके आगमन को देखते हुए एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रमुख स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को तैनात किया गया। सम्मेलन में शामिल होने के लिए खटीक समाज के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने खटीक समाज के ऐतिहासिक, धार्मिक और राष्ट्रीय योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह समाज वैदिक काल से ही धर्म से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। धर्म के प्रति समर्पित रहने के साथ खटीक समाज देश की सुरक्षा और राष्ट्रहित के कार्यों में भी सदैव आगे रहा है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि किसी समाज को केवल जाति के चश्मे से देखने वाले लोग उसकी मूल भावना और योगदान को नहीं समझ सकते। समाज के लोगों के कर्तव्य और काम अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन उनका व्यापक लक्ष्य राष्ट्र की रक्षा और देश की सेवा ही है। उन्होंने सामाजिक एकता और राष्ट्रीय जिम्मेदारी को जातिगत पहचान से ऊपर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में खटीक समाज की मेहनत, साहस और देशभक्ति की भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज की ताकत उसकी विविधता और अलग-अलग समुदायों के योगदान में निहित है। प्रत्येक समाज ने अपने तरीके से देश की संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत किया है। खटीक समाज भी इस साझा राष्ट्रीय यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

उन्होंने कहा कि इतिहास को केवल बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों या शासकों तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। समाज के विभिन्न वर्गों, समुदायों और सामान्य नागरिकों के योगदान से ही देश का निर्माण हुआ है। जिन लोगों ने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए काम किया, उनका योगदान नई पीढ़ी के सामने लाया जाना चाहिए। इससे युवाओं को अपनी विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा मिलेगी।

रक्षा मंत्री ने कहा कि समाज की पहचान उसके कर्म, योगदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण से बनती है। जाति के आधार पर किसी समुदाय का आकलन करना संकीर्ण सोच को दर्शाता है। अलग-अलग जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले लोग जब देशहित के साझा लक्ष्य के लिए काम करते हैं तो राष्ट्र मजबूत होता है। उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित लोगों से सामाजिक एकजुटता बनाए रखने और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

आरबीएस कॉलेज में आयोजित गर्जना सम्मेलन को खटीक समाज के सामाजिक और संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया। कार्यक्रम के माध्यम से समाज के लोगों ने अपनी एकता, विरासत और विभिन्न मुद्दों को सामने रखा। रक्षा मंत्री की मौजूदगी के कारण सम्मेलन को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना गया। स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।

केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने एयरपोर्ट पर रक्षा मंत्री का स्वागत करने के बाद कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उनकी उपस्थिति ने आयोजन के स्थानीय राजनीतिक महत्व को बढ़ाया। सम्मेलन को लेकर समाज के लोगों में पहले से उत्साह था और रक्षा मंत्री को सुनने के लिए आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए।

राजनाथ सिंह के संबोधन का मुख्य केंद्र खटीक समाज की ऐतिहासिक भूमिका और राष्ट्र के प्रति उसकी जिम्मेदारी रही। उन्होंने समाज के धार्मिक योगदान को देश की सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि धर्म और राष्ट्र की रक्षा की भावना अलग-अलग नहीं है। समाज के लोगों ने अलग-अलग समय में अपनी भूमिका के अनुसार देश की सेवा की है और यह परंपरा आगे भी जारी रहनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज का विकास शिक्षा, संगठन और आत्मविश्वास से संभव होता है। नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं की जानकारी रखने के साथ आधुनिक शिक्षा और कौशल पर भी ध्यान देना चाहिए। देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस विकास यात्रा में सभी समुदायों की समान भागीदारी आवश्यक है। समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी और समर्पण से काम करके राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकता है।

रक्षा मंत्री ने देश की एकता को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा की विविधता भारत की कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत है। अलग-अलग पहचान होने के बावजूद सभी नागरिक राष्ट्र के साझा उद्देश्य से जुड़े हैं। उन्होंने सम्मेलन में उपस्थित लोगों से सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक सम्मान बनाए रखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान खटीक समाज के प्रतिनिधियों ने रक्षा मंत्री का स्वागत किया। सम्मेलन में सामाजिक पहचान, संगठन और राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका से संबंधित विषय प्रमुखता से सामने आए। राजनाथ सिंह ने समाज के लोगों को भरोसा दिलाया कि राष्ट्रहित में किए जाने वाले उनके कार्यों और योगदान का सम्मान किया जाता रहेगा।

सम्मेलन को लेकर प्रशासन की ओर से यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। रक्षा मंत्री के आगमन से पहले वायुसेना के तकनीकी क्षेत्र, आरबीएस कॉलेज और उनके आवागमन वाले रास्तों पर अधिकारियों ने तैयारियों का निरीक्षण किया। कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश और भीड़ प्रबंधन के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए गए।

राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन के माध्यम से जाति आधारित सोच के बजाय राष्ट्रीय भावना को महत्व देने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में लोगों की जिम्मेदारियां और कार्य अलग हो सकते हैं, लेकिन उनका अंतिम लक्ष्य देश की सुरक्षा, प्रगति और सम्मान होना चाहिए। खटीक समाज को उन्होंने धर्म और राष्ट्र के प्रति समर्पित समुदाय बताते हुए उसके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया।

आरबीएस कॉलेज में आयोजित खटीक समाज गर्जना सम्मेलन रक्षा मंत्री के संबोधन के कारण चर्चा में रहा। सम्मेलन से उन्होंने सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र सेवा का संदेश दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि समाज के योगदान को जाति की सीमाओं में बांधकर नहीं देखा जा सकता। देश के निर्माण और सुरक्षा में योगदान देने वाला प्रत्येक समुदाय राष्ट्रीय गौरव का हिस्सा है।

Tags: