Lakhimpur Kheri: खेत में मिले बाघ के पैरों के निशान, ग्रामीणों में दहशत
Lakhimpur Kheriलखीमपुर खीरी: मोहम्मदी के महेशपुर वन रेंज क्षेत्र की बिलहरी बीट के गांव खजुहा के पूरब खेतों में बाघ के पग चिन्ह देखे जाने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। किसान और मजदूर खेतों की तरफ जाने से डर रहे हैं।
गांव खजुहा के कुछ किसान और ग्रामीण सुबह खेतों में काम करने गए थे। इसी बीच उनकी नजर गांव के ही सुभाष अवस्थी के खेतों में बने बाघ के पग चिन्हों पर पड़ी। पग चिन्ह देख उनमें हड़कंप मच गया। सूचना पाकर वन दरोगा माया प्रकाश, सचिन वर्मा और रोहित भारती मौके पर पहुंचे। टीम ने पग चिन्ह बाघ के होने की पुष्टि की। वन दरोगा माया प्रसाद ने ग्रामीणों से कहा कि जंगल से निकलकर बाघ शिकार के पीछे आबादी की तरफ आ जाते हैं, फिर जंगलों में वापस भी चले जाते हैं।
बाघ की लोकेशन ट्रेस की जा रही है, इसलिए वह अभी कहां है यह कहना मुश्किल है। वन दरोगा ने ग्रामीणों को सचेत किया कि बाघ अभी कहां है, यह स्पष्ट कहना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण खेतों की तरफ जाएं तो समूह में जाएं, टेपरिकॉर्डर रेडियो बजाएं, आपस में बातचीत करते रहें, बाघ दिखने पर शोर मचाएं और आग जलाएं। हालांकि, बाघ के पग चिन्ह मिलने के बाद से किसान और मजदूरों ने खेतों में काम करना फिलहाल बंद कर दिया है।
किसान सर्वेश वर्मा और ग्राम प्रधान अवधेश भार्गव ने बताया कि क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सभी लोग खेतों की तरफ जाने से घबरा रहे हैं, जिससे खेती-किसानी में काफी नुकसान हो रहा है। खेतों में गन्ना खड़ा है, गेहूं, सरसों समेत दलहनी और तिलहनी फसलों की सिंचाई होनी है, लेकिन मजदूरों के न जाने से फसलें चौपट हो रही हैं।