विल्हौर: ग्राम ददिखा की रहने वाली पीड़िता ऊषा कटियार बीते एक वर्ष से अपने पैतृक जमीन पर हो रहे कथित ज़बरन कब्ज़े के खिलाफ न्याय की गुहार लगा रही हैं, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के चलते अब तक कोई समाधान नहीं हो पाया। आज क्षत्रपति शिवाजी सेना के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से भेंट कर उनके दुख-दर्द को सुना और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

ऊषा कटियार ने बताया कि जिस ज़मीन पर विवाद चल रहा है, वह उनके बाबा रामस्वरूप कटियार के नाम पर दर्ज है। बावजूद इसके, गांव के ही कुछ लोग उस पर ज़बरदस्ती कब्ज़ा करना चाहते हैं। ऊषा कटियार ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में उप जिलाधिकारी तक शिकायत की और वहां से निर्देश भी जारी हुए, परंतु कोई अधिकारी उनकी बात सुनने या कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।

क्षत्रपति शिवाजी सेना के जिला अध्यक्ष सत्यम पटेल, जिला संयोजक मराठा प्रांजल, संस्थापक सदस्य वावा राधेश्याम पटेल और वरिष्ठ कार्यकर्ता आलोक पटेल ने पीड़िता को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने प्रशासन से चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन की राह पर उतरने से पीछे नहीं हटेगा।

जिला संयोजक मराठा प्रांजल ने कहा:

“यह केवल एक महिला का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला है। हम यह अन्याय सहन नहीं करेंगे।”

क्षत्रपति शिवाजी सेना ने ऐलान किया है कि यदि आने वाले दिनों में कोई ठोस कदम प्रशासन द्वारा नहीं उठाया गया तो संगठन जनआंदोलन के लिए बाध्य होगा।

घटनास्थल पर मौजूद प्रमुख लोग:

सत्यम पटेल (जिला अध्यक्ष), मराठा प्रांजल (जिला संयोजक), वावा राधेश्याम पटेल (संस्थापक सदस्य), आलोक पटेल सहित कई स्थानीय कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।

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