पटना। बिहार में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। राजधानी पटना में शनिवार को बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन अगले दो दिनों तक लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। दूसरी ओर उत्तर बिहार के कई इलाकों में 23 से 26 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं।

देश के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शनिवार को राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की विदाई आगे बढ़ी। हालांकि बिहार से मानसून की वापसी में अभी समय है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह के आसपास मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। इससे पहले लौटते मानसून और बदलती मौसमी परिस्थितियों के कारण सितंबर के अंतिम दिनों और अक्टूबर की शुरुआत में राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश देखने को मिल सकती है।

पटना में बादलों से पारा गिरा

राजधानी पटना में शनिवार को दिनभर बादलों की आवाजाही का असर तापमान पर दिखाई दिया। धूप और बादलों के बीच तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि तापमान में कमी के बावजूद वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण लोगों को उमस से पूरी तरह राहत नहीं मिली।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों के दौरान पटना में उमस भरी गर्मी बनी रह सकती है। दिन में धूप निकलने और हवा में नमी की अधिक मात्रा के कारण वास्तविक तापमान की तुलना में गर्मी ज्यादा महसूस हो सकती है।

सुबह और शाम के समय बादलों की आवाजाही से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन दोपहर में उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

23 से 26 सितंबर तक बारिश का दौर

उत्तर बिहार के लिए आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। 23 से 26 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई गई है। इस अवधि में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर बिहार के कई जिलों में मानसून की सक्रियता बढ़ने पर गरज-चमक के साथ बारिश देखने को मिल सकती है। बारिश की मात्रा अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रहने की संभावना है। ऐसे में किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की जरूरत होगी।

भारी बारिश वाले क्षेत्रों में निचले स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। लगातार बारिश होने पर ग्रामीण इलाकों की कच्ची सड़कों और खेतों में भी पानी जमा होने की आशंका रहती है।

देश से शुरू हुई मानसून की विदाई

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी देश के पश्चिमी हिस्सों से शुरू हो चुकी है। राजस्थान के कुछ भागों से मानसून की विदाई होने के बाद आने वाले दिनों में वापसी की रेखा धीरे-धीरे अन्य क्षेत्रों की ओर बढ़ेगी।

हालांकि बिहार से मानसून की वापसी तत्काल नहीं होने वाली है। राज्य में सामान्य तौर पर मानसून की गतिविधियां सितंबर के अंतिम हिस्से और अक्टूबर की शुरुआत तक देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान बंगाल की खाड़ी में बनने वाले मौसमी सिस्टम भी बिहार के मौसम को प्रभावित कर सकते हैं।

अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में बिहार से विदाई के संकेत

मौसम विभाग के अनुसार बिहार में अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। मानसून के लौटने की वास्तविक तारीख उस समय की हवा, नमी, वर्षा और अन्य मौसमी परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

मानसून की वापसी के दौरान भी कई बार बारिश की गतिविधियां देखने को मिलती हैं। इसलिए सितंबर के अंत में मानसून कमजोर होने का मतलब यह नहीं है कि बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी। अक्टूबर के शुरुआती दिनों तक राज्य के कुछ जिलों में बारिश के दौर जारी रह सकते हैं।

तापमान में दो से चार डिग्री तक बदलाव संभव

आने वाले दिनों में बारिश और बादलों की स्थिति के आधार पर तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। बारिश की गतिविधियां कम होने और धूप निकलने की स्थिति में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी संभव है।

इसके कारण दिन में गर्मी और उमस का प्रभाव बढ़ सकता है। वहीं जिन क्षेत्रों में बारिश होगी, वहां तापमान में अस्थायी गिरावट देखने को मिल सकती है। इस तरह राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग रह सकता है।

उमस से फिलहाल राहत की उम्मीद कम

पटना समेत दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में फिलहाल उमस से बड़ी राहत मिलने की संभावना कम है। हवा में नमी और बीच-बीच में तेज धूप निकलने के कारण गर्मी का एहसास बना रहेगा। बारिश नहीं होने की स्थिति में दोपहर के समय उमस अधिक परेशान कर सकती है।

बादलों की आवाजाही तापमान को कुछ हद तक नियंत्रित कर सकती है, लेकिन वातावरण में नमी अधिक रहने से लोगों को पसीने और चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

किसानों के लिए महत्वपूर्ण अगला सप्ताह

उत्तर बिहार में बारिश की संभावना को देखते हुए अगला सप्ताह किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। धान सहित खरीफ की दूसरी फसलों के लिए बारिश कई क्षेत्रों में फायदेमंद हो सकती है, लेकिन बहुत अधिक वर्षा होने पर खेतों में जलभराव नुकसान भी पहुंचा सकता है।

ऐसे में किसानों को अपने क्षेत्र के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी पर नजर रखने की जरूरत होगी। खास तौर पर भारी बारिश की चेतावनी वाले इलाकों में खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था उपयोगी हो सकती है।

कुल मिलाकर बिहार में अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। पटना में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करेगी, जबकि 23 से 26 सितंबर के बीच उत्तर बिहार में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। सितंबर के अंतिम दिनों और अक्टूबर की शुरुआत में भी कुछ जिलों में बारिश हो सकती है, जबकि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से राज्य से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के संकेत हैं।

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