Kanhar बांध का जलस्तर बढ़ा, तीन गेट खोले गए

Update: 2026-07-02 10:52 GMT

Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश: मानसून की शुरुआत के बाद से ही संबंधित जिला लगातार तेज बारिश की चपेट में बना हुआ है। लगातार हो रही वर्षा के कारण पहाड़ी नाले और नदियां उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और दबाव की स्थिति बनी हुई है। वहीं ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों (कैचमेंट एरिया) में भी लगातार बारिश होने से कनहर सिंचाई परियोजना के मुख्य बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है।

ताजा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बांध का जलस्तर 260.500 मीटर तक पहुंच गया है, जो सामान्य स्थिति की तुलना में काफी अधिक माना जा रहा है। जलस्तर में लगातार वृद्धि और पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने सतर्कता बरतते हुए तुरंत कार्रवाई की है।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बांध के तीन गेट खोल दिए गए हैं, जिससे अतिरिक्त पानी का सुरक्षित निकास सुनिश्चित किया जा सके। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जलग्रहण क्षेत्रों में लगभग 300 मिलीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते बांध में पानी की आवक लगातार जारी है।

सिंचाई विभाग की टीम मौके पर लगातार निगरानी कर रही है और जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि बारिश का यही सिलसिला जारी रहा और जलस्तर में और वृद्धि होती है, तो भविष्य में अतिरिक्त गेट भी खोले जा सकते हैं।

बांध से पानी छोड़े जाने के बाद निचले क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने संबंधित गांवों और बस्तियों को अलर्ट पर रखा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान लगातार बारिश के कारण पहले ही जनजीवन प्रभावित है और अब बांध से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में चिंता बढ़ गई है। हालांकि सिंचाई विभाग का दावा है कि पूरी प्रक्रिया नियंत्रित तरीके से की जा रही है ताकि किसी प्रकार का नुकसान न हो।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारी बारिश के दौरान बांधों में जलस्तर का बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन समय रहते गेट खोलकर पानी छोड़ना एक आवश्यक कदम होता है, जिससे बांध पर अत्यधिक दबाव न पड़े और संरचना सुरक्षित बनी रहे।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे न जाएं और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही आपदा प्रबंधन टीम को भी पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है।

कुल मिलाकर, कनहर सिंचाई परियोजना का बढ़ता जलस्तर और लगातार बारिश ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है और आने वाले दिनों में स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

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