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- ‘कलंक’ वाले आरोप पर...

अयोध्या, उत्तर प्रदेश। राम मंदिर दान चोरी मामले को लेकर चल रहे विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि अयोध्या में उनकी सेवा पूरी हो गई है और वह किसी भी “कलंक” के साथ आगे नहीं रहेंगे। उनके इस बयान ने राज्य की सियासत और ट्रस्ट से जुड़े हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
सूत्रों के अनुसार, चंपत राय ने अपने करीबी लोगों से बातचीत में कहा कि उनके साथ विश्वासघात हुआ है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उनका इशारा किसकी ओर था। बताया जा रहा है कि वह फिलहाल एकांतवास में हैं और सार्वजनिक गतिविधियों से दूरी बनाए हुए हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर ट्रस्ट के भीतर दान में कथित गड़बड़ी को लेकर जांच तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की रिपोर्ट पर भी जल्द चर्चा होने की संभावना है। साथ ही ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट की आगामी बैठक में चंपत राय और पहले ही इस्तीफा दे चुके अनिल मिश्रा के भविष्य पर भी निर्णय लिया जा सकता है। यह फैसला दो-तिहाई बहुमत के आधार पर होने की संभावना जताई जा रही है। इधर, इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भी सक्रिय हो गया है। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अयोध्या का दौरा कर साधु-संतों, स्थानीय लोगों और ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न पक्षों से बातचीत की। इसके आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शीर्ष नेतृत्व को भेजी गई है।
सूत्रों का कहना है कि संघ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई वरिष्ठ पदाधिकारियों को अयोध्या भेजा था, जिन्होंने विभिन्न स्तरों पर फीडबैक लिया और संत समाज तथा स्थानीय नागरिकों से बातचीत की। कुल मिलाकर, राम मंदिर से जुड़े इस विवाद और चंपत राय के बयान ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अब सभी की नजरें ट्रस्ट की आगामी बैठक और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।





