उत्तर प्रदेश

Shahjahanpur, में बड़ा एक्शन, 6 पुलिसकर्मियों पर FIR के आदेश

Ratna Netam
2 July 2026 3:24 PM IST
Shahjahanpur, में बड़ा एक्शन, 6 पुलिसकर्मियों पर FIR के आदेश
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Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश : शाहजहांपुर में एक महत्वपूर्ण न्यायिक फैसले ने पुलिस विभाग में हलचल पैदा कर दी है। सीजेएम ज्योति अग्रवाल की अदालत ने सदर बाजार थाने में एक पूर्व सैनिक को कथित रूप से अवैध हिरासत में रखने और बाद में उसकी फर्जी गिरफ्तारी दिखाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है।अदालत ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक समेत कुल छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह मामला पूर्व सैनिक की हिरासत और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जिस पर कोर्ट ने गंभीर आपत्ति जताई है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने जनरल डायरी, केस से जुड़े दस्तावेजों और अन्य आधिकारिक अभिलेखों का विस्तृत परीक्षण किया। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण विसंगतियां सामने आईं, जिनके आधार पर कोर्ट ने यह माना कि मामले में प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित की जाए। इसके लिए न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को निर्देश दिया है कि इस प्रकरण की विवेचना सदर बाजार थाने से हटाकर किसी अन्य थाना क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए, ताकि जांच पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।

इस आदेश के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल देखी जा रही है। संबंधित पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों को लेकर अब आधिकारिक जांच प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। मामले में जिन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें तत्कालीन थाना प्रभारी भी शामिल बताए जा रहे हैं।यह मामला उस समय का बताया जा रहा है जब एक पूर्व सैनिक को कथित रूप से बिना उचित प्रक्रिया के हिरासत में रखा गया और बाद में उसकी गिरफ्तारी को रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इसी प्रक्रिया को लेकर शिकायत अदालत तक पहुंची थी, जिस पर सुनवाई के बाद यह बड़ा आदेश जारी किया गया।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि कोर्ट का यह निर्णय पुलिस कार्यप्रणाली और जवाबदेही के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। इससे यह संदेश जाता है कि किसी भी स्तर पर प्रक्रिया में गड़बड़ी पाए जाने पर न्यायालय हस्तक्षेप कर सकता है और स्वतंत्र जांच के आदेश दे सकता है।फिलहाल, मामले की जांच अब अन्य थाना क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी द्वारा की जाएगी और उसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। अदालत के इस आदेश ने न केवल स्थानीय पुलिस प्रशासन बल्कि पूरे जिले में चर्चा का माहौल बना दिया है।

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