जौनपुर: जाैनपुर जनपद से गुजरने वाली गोमती नदी का जलस्तर इन दिनाें लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट माेड़ पर आ गया है। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकाराें काे 24 घ्ंटे सतर्क रहने का निर्देश दिया है हालांकि नदी का जलस्तर अभी यह खतरे के निशान से 13 फीट नीचे है। यहां पर पानी बढ़कर शाहीपुल स्थित गोमतेश्वर नाथ मंदिर तक पहुंच गया है। इससे चकप्यार अली और बलुआ घाट के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। केराकत में निर्माणाधीन टाई नाले की पुलिया तक गोमती का पानी पहुंचने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
प्रशासन ने बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी एसडीएम को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। बढ़ते जलस्तर से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। रविवार को अस्थाई सड़क पर पानी पहुंचने से केराकत-खुज्जी मार्ग अवरुद्ध हो गया है। इससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है। नदी के तटीय इलाके वाले गांव जैसे सरोजबड़ेवर, सरौनी पूरब पट्टी और चकरारेत जोखुआना में पानी पहुंचने से खतरा बढ़ रहा है। लगभग सौ एकड़ की फसल जलमग्न हो चुकी है। कुछ गांवों में खेतों तक जाने वाले रास्ते भी बाधित हो गए हैं। मापक केंद्र पसेंवा के अनुसार, जलस्तर बढ़ने की रफ्तार तीन से चार सेंटीमीटर प्रति घंटे है। इस मामले में सोमवार को बात करते हुए जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि लेखपालों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। गोमती नदी के किनारे वाले गांवों पर नजर रखी जा रही है।
जौनपुर में बाढ़ से बचाव और राहत के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। नियंत्रण और निगरानी के लिए 48 चौकियां बनाई गई हैं। 42 गोताखोरों की व्यवस्था की गई है। सभी तहसीलों के एसडीएम को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। छह तहसीलों में प्रभावित होने वाले 347 गांवों को चिह्नित कर विशेष निगरानी रखी जा रही है।