Deoria देवरिया :   उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने सोमवार को शहर के रोडवेज बस स्टैंड के आसपास संचालित होटल, ढाबों और फास्ट फूड प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की गई।

अभियान का नेतृत्व सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय हितेंद्र मोहन त्रिपाठी के निर्देशन में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजीव मिश्र ने किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की टीम ने कई प्रतिष्ठानों में जाकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। टीम ने खाद्य सामग्री रखने के तरीके, रसोई की स्थिति, साफ-सफाई और ग्राहकों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजीव मिश्र ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सभी होटल, ढाबा और फास्ट फूड संचालक अपने प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। खाद्य सामग्री को खुले में न रखा जाए और उसे हमेशा ढककर सुरक्षित तरीके से रखा जाए।

अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया कि भोजन और अन्य खाद्य सामग्री को धूल, गंदगी और संक्रमण से बचाने के लिए जाली या शीशे के आवरण का इस्तेमाल किया जाए। इसके अलावा रसोई में इस्तेमाल होने वाले बर्तनों और पूरे परिसर की नियमित सफाई करने के लिए भी कहा गया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी विशेष जोर दिया। खाद्य सामग्री तैयार करने वाले कर्मचारियों को साफ कपड़े पहनने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि ग्राहकों को केवल ताजा और गुणवत्तापूर्ण भोजन ही उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

खाद्य विभाग की टीम ने जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों के फ्रीजर में रखे बासी खाद्य पदार्थ भी बरामद किए। अधिकारियों ने मौके पर ही ऐसे खाद्य पदार्थों को नष्ट करा दिया। साथ ही संबंधित खाद्य कारोबारियों को भविष्य में इस तरह की लापरवाही नहीं करने की चेतावनी दी गई।

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सभी खाद्य कारोबारियों के लिए पंजीकरण या लाइसेंस लेना अनिवार्य है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी प्रतिष्ठान संचालकों को निर्देश दिया कि वे अपने लाइसेंस और खाद्य पंजीकरण प्रमाण पत्र को प्रतिष्ठान में ऐसी जगह प्रदर्शित करें, जहां ग्राहक और जांच अधिकारी आसानी से देख सकें।

उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग समय-समय पर ऐसे अभियान चलाता रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि इस तरह के निरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और शुद्ध भोजन उपलब्ध कराना है। खासतौर पर बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में यात्री भोजन करते हैं, इसलिए यहां संचालित होटल और ढाबों में स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से होटल, ढाबा और फास्ट फूड संचालकों में हड़कंप मचा रहा। अधिकारियों ने साफ किया है कि आगे भी जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जांच अभियान जारी रहेगा और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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