प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद के भाई और पूर्व विधायक अशरफ से जुड़ी कुर्क संपत्ति पर कब्जा करने और अवैध तरीके से प्लाटिंग कर बेचने का मामला सामने आया है। प्रयागराज में अशरफ की कुर्क जमीन पर अवैध कब्जे और बिक्री के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
बताया जा रहा है कि यह जमीन गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई संपत्तियों में शामिल थी। प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी कुछ लोगों ने कथित तौर पर इस जमीन पर कब्जा कर लिया और उसे छोटे-छोटे प्लॉट में बांटकर बेचने की कोशिश की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की।
कुर्क संपत्ति पर कब्जे का आरोप
मामला प्रयागराज के धूमनगंज क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, माफिया अतीक अहमद और उसके परिवार से जुड़ी कई संपत्तियों पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर प्रशासन ने उन्हें कुर्क किया था।
इसी क्रम में अशरफ की एक जमीन भी कुर्क की गई थी। आरोप है कि कुर्की के बावजूद कुछ लोगों ने जमीन पर कब्जा कर लिया और वहां अवैध प्लाटिंग शुरू कर दी। इसके बाद जमीन को अलग-अलग हिस्सों में बेचने की तैयारी की गई।
तीन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर कुर्क संपत्ति पर अवैध कब्जा करने, धोखाधड़ी और नियमों के उल्लंघन समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में अगर और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
माफिया नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई
प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके गैंग से जुड़ी संपत्तियों पर प्रशासन लगातार कार्रवाई करता रहा है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस और प्रशासन ने माफिया नेटवर्क को तोड़ने के लिए कई बड़े कदम उठाए थे।
अतीक अहमद और उसके करीबियों की अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर कुर्क किया गया था। इसके अलावा कई निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई थी। प्रशासन का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों को किसी भी स्थिति में बचने नहीं दिया जाएगा।
अवैध प्लाटिंग से जुड़े दस्तावेजों की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन की प्लाटिंग किस तरह की गई और किन लोगों को बेचने की कोशिश हुई। इसके लिए जमीन से जुड़े दस्तावेज, रजिस्ट्री रिकॉर्ड और अन्य कागजात की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि आरोपियों ने किस आधार पर कुर्क संपत्ति में दखल दिया और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति या समूह की मदद मिली थी।
प्रशासन ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन का कहना है कि कुर्क की गई संपत्तियों पर कब्जा करना कानून का गंभीर उल्लंघन है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने साफ किया है कि माफिया या अपराधियों से जुड़ी संपत्तियों को अवैध तरीके से खरीदने-बेचने वालों पर भी कार्रवाई होगी। प्रशासन की नजर ऐसी सभी संपत्तियों पर बनी हुई है।
अतीक-अशरफ की संपत्तियां रही हैं जांच के घेरे में
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के खिलाफ लंबे समय तक आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। दोनों पर कई गंभीर आरोप लगे थे। अतीक अहमद की हत्या अप्रैल 2023 में प्रयागराज में पुलिस सुरक्षा के दौरान हुई थी, जबकि अशरफ की भी उसी दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने उनके गैंग से जुड़े लोगों और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई तेज कर दी थी।
आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध प्लाटिंग और जमीन की बिक्री से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि अपराध से जुड़ी किसी भी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।