लखनऊ: महीने की शुरुआत में आम लोगों और कारोबारियों को महंगाई का एक और झटका लगा है। तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलिंडर की कीमत में 9.50 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें मंगलवार से लागू हो गई हैं।
कमर्शियल गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई की दुकानों और खानपान से जुड़े अन्य कारोबारियों पर पड़ने की संभावना है। कारोबारियों का कहना है कि पहले से बढ़ती लागत के बीच गैस की कीमत में हुई यह बढ़ोतरी उनके खर्च को और बढ़ाएगी।
कमर्शियल सिलिंडर हुआ महंगा
तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों के अनुसार, 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलिंडर की कीमत में 9.50 रुपये की वृद्धि की गई है।
एलपीजी स्टेट हेड राजेश कुमार ने बताया कि लखनऊ में भी कमर्शियल सिलिंडर अब 9.50 रुपये महंगा हो गया है। नई कीमतें मंगलवार से प्रभावी हो गई हैं।
हालांकि घरेलू उपयोग वाले LPG सिलिंडर की कीमतों में इस बदलाव का असर नहीं पड़ा है। यह बढ़ोतरी केवल व्यावसायिक उपयोग वाले सिलिंडरों पर लागू हुई है।
होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर असर
कमर्शियल LPG सिलिंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई की दुकानों और खानपान से जुड़े कारोबार में किया जाता है।
कारोबारियों का कहना है कि गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से उनकी उत्पादन लागत बढ़ जाएगी। पहले ही कच्चे माल, कर्मचारियों की लागत और अन्य खर्चों में वृद्धि हो रही है, ऐसे में गैस के दाम बढ़ना अतिरिक्त बोझ साबित होगा।
व्यापारियों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में इस बढ़ी हुई लागत का असर ग्राहकों तक पहुंचाना पड़ सकता है।
खाने-पीने की चीजों पर पड़ सकता है असर
कारोबारियों के अनुसार, LPG सिलिंडर की कीमत बढ़ने से तैयार भोजन और खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि खाना बनाने में गैस एक महत्वपूर्ण खर्च है। जब गैस महंगी होती है तो इसका असर सीधे उनकी लागत पर पड़ता है।
ऐसे में आने वाले दिनों में चाय, नाश्ता, मिठाई और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
छोटे कारोबारियों की बढ़ी परेशानी
बड़े होटल और रेस्टोरेंट कुछ हद तक बढ़ी लागत को संभाल सकते हैं, लेकिन छोटे दुकानदारों और ढाबा संचालकों के लिए यह बढ़ोतरी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
छोटे कारोबारी पहले से ही सीमित मुनाफे में काम करने की बात कहते हैं। उनका कहना है कि हर छोटी बढ़ोतरी का असर उनके व्यापार पर पड़ता है।
तेल कंपनियां हर महीने करती हैं समीक्षा
तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव और अन्य आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए LPG सिलिंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं।
इसी प्रक्रिया के तहत हर महीने की शुरुआत में गैस सिलिंडर की कीमतों में बदलाव किया जाता है। कई बार कीमतों में कमी आती है तो कई बार बढ़ोतरी भी होती है।
कारोबारियों ने जताई चिंता
व्यापारियों का कहना है कि सरकार को महंगाई को देखते हुए राहत के कदम उठाने चाहिए। उनका कहना है कि गैस, बिजली, कच्चे माल और परिवहन खर्च बढ़ने से कारोबार चलाना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने मांग की है कि छोटे और मध्यम कारोबारियों को बढ़ती लागत से राहत देने के लिए कदम उठाए जाएं।
ग्राहकों पर भी पड़ सकता है असर
कमर्शियल LPG सिलिंडर की कीमत बढ़ने से सीधे तौर पर कारोबारियों का खर्च बढ़ेगा। इसका अप्रत्यक्ष असर आम ग्राहकों पर भी पड़ सकता है।
खानपान से जुड़े कारोबारी अगर अपनी लागत को संतुलित करने के लिए कीमतें बढ़ाते हैं तो इसका असर बाहर खाना खाने वाले लोगों की जेब पर पड़ सकता है।
महंगाई के बीच नया झटका
महीने के पहले दिन कमर्शियल LPG सिलिंडर के दाम में हुई यह बढ़ोतरी कारोबारियों के लिए चिंता का कारण बन गई है। हालांकि घरेलू गैस सिलिंडर उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली हुई है।
अब देखना होगा कि गैस कीमतों में इस बदलाव का बाजार और खाद्य पदार्थों की कीमतों पर कितना असर पड़ता है। कारोबारियों की नजर आगे तेल कंपनियों के फैसलों और बाजार की स्थिति पर बनी हुई है।