Pratapgarh प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर आजाद समाज पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण ने संकेत दिया है कि इसी महीने करीब 100 और उम्मीदवारों को प्रभारी के रूप में घोषित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रदेश नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। प्रतापगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने पार्टी की चुनावी रणनीति को लेकर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि इस महीने करीब 100 और उम्मीदवारों को प्रभारी घोषित किया जाएगा। पार्टी अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी स्थिति और संभावित उम्मीदवारों को लेकर लगातार मंथन कर रही है।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी जानकारी के मुताबिक 20 सितंबर के बाद प्रदेश नेतृत्व के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की जाएगी। इस बैठक में संभावित उम्मीदवारों और संगठन की चुनावी तैयारियों को लेकर विचार-विमर्श होगा। इसके बाद ही नामों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। आजाद समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में अपने संगठन का विस्तार करने और जमीनी स्तर पर राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। संभावित उम्मीदवारों को पहले से प्रभारी घोषित करने की रणनीति को भी इसी तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। इससे संबंधित क्षेत्रों में नेताओं को संगठन मजबूत करने और मतदाताओं के बीच सक्रियता बढ़ाने के लिए समय मिल सकेगा।
चंद्रशेखर आजाद का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब उत्तर प्रदेश में विभिन्न राजनीतिक दल आने वाले चुनावों को देखते हुए अपने-अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। उम्मीदवारों के चयन से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर दिया जा रहा है। आजाद समाज पार्टी भी अपने राजनीतिक आधार को विस्तार देने के लिए लगातार सक्रिय दिखाई दे रही है। पार्टी का फोकस प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में संगठन को मजबूत करने के साथ स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाने पर है।
करीब 100 नए प्रभारियों की संभावित घोषणा से यह भी संकेत मिलता है कि पार्टी बड़ी संख्या में सीटों पर अपनी चुनावी मौजूदगी मजबूत करने की तैयारी कर रही है। हालांकि किन क्षेत्रों या सीटों के लिए ये नाम घोषित किए जाएंगे, इसे लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। चंद्रशेखर आजाद ने साफ किया कि अंतिम फैसला प्रदेश नेतृत्व के साथ चर्चा के बाद ही होगा। ऐसे में अब नजर 20 सितंबर के बाद होने वाली पार्टी की बैठक पर रहेगी। इस बैठक के बाद आजाद समाज पार्टी की चुनावी रणनीति और संभावित उम्मीदवारों की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकती है।