उत्तर प्रदेश : सहारनपुर में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। लाखों शिवभक्तों की आवाजाही को देखते हुए आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) भी मैदान में उतर गया है। एटीएस की टीम ने जिले में पहुंचकर कांवड़ मार्ग, प्रमुख शिविरों, धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों की निगरानी शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान सहारनपुर एक महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है, जहां से बड़ी संख्या में कांवड़िए हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश की ओर जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का विशेष प्लान तैयार किया है। एटीएस की टीम स्थानीय पुलिस, खुफिया विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार इनपुट जुटा रही है। संदिग्ध गतिविधियों, संदिग्ध व्यक्तियों और लावारिस वस्तुओं पर विशेष नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, कांवड़ मार्ग पर पहले से ही सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन कैमरों और कंट्रोल रूम के जरिए निगरानी की जा रही है। अब एटीएस की सक्रियता बढ़ने से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो गई है। पुलिस का कहना है कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की चुनौती से निपटने के लिए सभी सुरक्षा इकाइयों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
एटीएस अधिकारियों ने जिले में पहुंचकर कई प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया। इनमें कांवड़ मार्ग, शिविर स्थल, धार्मिक स्थान, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके शामिल हैं। इसके अलावा होटल, धर्मशाला और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय रहते मिल सके और तुरंत कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने आम लोगों और कांवड़ सेवा शिविर संचालकों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई देती है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए। सुरक्षा व्यवस्था में जनता की भागीदारी भी काफी महत्वपूर्ण है।
वहीं, सहारनपुर प्रशासन ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए डिजिटल व्यवस्था भी शुरू की है। कांवड़ मार्ग पर हर एक किलोमीटर की दूरी पर फ्लेक्स के माध्यम से क्यूआर कोड लगाए गए हैं। शिवभक्त अपने मोबाइल फोन से इन क्यूआर कोड को स्कैन कर यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी हासिल कर सकेंगे।
इन क्यूआर कोड के जरिए कांवड़ियों को रास्ते की जानकारी, आसपास मौजूद विश्राम स्थलों, मेडिकल सुविधाओं, शौचालयों और अन्य जरूरी सेवाओं की लोकेशन आसानी से मिल सकेगी। इसके अलावा नजदीकी पुलिस चौकी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी भी मोबाइल पर उपलब्ध होगी। प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल पहल से कांवड़ियों को काफी सुविधा मिलेगी और यात्रा को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा योजना लागू की है। इसमें पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, ड्रोन सर्विलांस, खुफिया तंत्र की सक्रियता और एटीएस की निगरानी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है।
सहारनपुर में कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि शिवभक्तों को सुरक्षित माहौल मिले और यात्रा बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो।