नेपाल फ्लैश फ्लड का कहर बढ़ा मौत का आंकड़ा 810 के पार
नेपाल बाढ़ में नहीं थम रही
काठमांडू: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। प्राकृतिक आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। ताजा अपडेट के अनुसार बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में मृतकों की संख्या 810 तक पहुंच गई है, जबकि 3048 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में परिवार अपने परिजनों की तलाश में राहत केंद्रों और अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं।
हिमालयी क्षेत्र में आई इस भयावह आपदा ने नेपाल के कई इलाकों को प्रभावित किया है। तेज बहाव के साथ आए मलबे ने घरों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई दुर्गम इलाकों में पहुंचना अभी भी राहत टीमों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
राहत और बचाव कार्यों में नेपाल की सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के हजारों जवान जुटे हुए हैं। मलबे में दबे लोगों की तलाश, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी सामान पहुंचाने का काम लगातार चल रहा है। कई स्थानों पर खराब मौसम और भौगोलिक कठिनाइयों के कारण बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है। इस आपदा का असर नेपाल के साथ-साथ सीमा से लगे क्षेत्रों पर भी पड़ा है। कई विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें भारत समेत कई देशों के लोग शामिल बताए जा रहे हैं। प्रभावित परिवार अपने रिश्तेदारों की जानकारी के लिए हेल्पलाइन और राहत केंद्रों से संपर्क कर रहे हैं।
सबसे ज्यादा चिंता उन लोगों को लेकर है जो दूरदराज के इलाकों में फंसे हुए हैं। कई जगहों पर सड़क संपर्क टूटने और संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण लोगों तक मदद पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। आपदा विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ रहा है। ग्लेशियर से जुड़ी घटनाओं और मौसम में बदलाव को भी ऐसी आपदाओं के प्रमुख कारणों में शामिल किया जा रहा है।
नेपाल सरकार ने राहत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रभावित क्षेत्रों में बड़े स्तर पर अभियान चलाया है। लापता लोगों की पहचान और बरामद शवों की पहचान के लिए भी विशेष प्रक्रिया अपनाई जा रही है। कई अज्ञात शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल और अन्य रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं। भारत समेत कई देशों ने नेपाल की इस आपदा में सहायता और तकनीकी सहयोग की पेशकश की है। राहत सामग्री, बचाव विशेषज्ञों और अन्य जरूरी सहायता के जरिए प्रभावित लोगों की मदद की जा रही है।
फिलहाल नेपाल में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। हजारों लोगों के लापता होने के कारण मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता अब भी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है।