चंदौली: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में रविवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जिवनाथपुर-कंचनपुर स्टेट हाईवे पर डोहरी गांव के पास तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक सवार तीन लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण दुर्घटना में बाइक पर सवार मां, बेटे और दो वर्षीय मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। घटना से आक्रोशित स्वजन और स्थानीय लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। इससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई।
जानकारी के मुताबिक, हादसा रविवार शाम जिवनाथपुर-कंचनपुर स्टेट हाईवे पर डोहरी गांव के पास हुआ। बाइक पर मां, बेटा और दो साल का मासूम सवार थे। तीनों अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर गिर पड़े और हाईवा की चपेट में आ गए। हादसे में तीनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
तेज रफ्तार हाईवा ने बाइक को लिया चपेट में
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, हाईवा की रफ्तार काफी तेज बताई जा रही है। बाइक और भारी वाहन के बीच हुई टक्कर के बाद तीनों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर मौजूद लोग भी सहम गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। लोगों ने राहत पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए। अपनों के शव देखकर परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां, बेटे और मासूम की एक साथ मौत की खबर से गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया।
तीन मौतों से आक्रोशित परिजनों ने किया सड़क जाम
हादसे के बाद परिवार के लोगों और स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने दुर्घटना के लिए तेज रफ्तार भारी वाहनों को जिम्मेदार बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। आक्रोशित स्वजन ने सड़क पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क पर चलना लगातार खतरनाक होता जा रहा है। भारी वाहन चालक अक्सर तेज गति से वाहन चलाते हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और आम राहगीरों की जान जोखिम में पड़ जाती है। ग्रामीणों ने इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने और सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई।
हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित
सड़क जाम होने के कारण हाईवे से गुजरने वाले अन्य वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लगने की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
ऐसी घटनाओं के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भारी वाहनों की गति और यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं। विशेष रूप से स्टेट हाईवे पर बाइक और अन्य छोटे वाहनों के साथ भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
परिवार में पसरा मातम, मासूम की मौत से हर कोई दुखी
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू दो वर्षीय मासूम की मौत है। जिस उम्र में बच्चे को परिवार के साथ सुरक्षित रहना चाहिए, उसी उम्र में सड़क दुर्घटना ने उसकी जिंदगी छीन ली। मां और बेटे के साथ मासूम की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से परिजनों के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोग भी परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। हादसे की खबर फैलने के बाद इलाके में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
डोहरी गांव के पास हुआ यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता को सामने लाता है। दोपहिया वाहन पर सफर करने वाले लोगों के लिए भारी वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी और निर्धारित गति सीमा का पालन बेहद जरूरी है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, भारी वाहनों को आबादी वाले क्षेत्रों और गांवों के आसपास विशेष सावधानी से चलाया जाना चाहिए। वहीं, यातायात नियमों का पालन कराने के लिए नियमित निगरानी और गति नियंत्रण के उपाय भी आवश्यक हैं।
फिलहाल इस दर्दनाक हादसे के बाद परिजनों का आक्रोश और ग्रामीणों का विरोध इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। दुर्घटना में तीन लोगों की जान जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे के कारणों, हाईवा चालक की भूमिका और आगे की पुलिस कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।