Hardoi: प्रधानाध्यापक पद को लेकर जारी विवाद अब बच्चों की सेहत तक पहुंचा
"प्रधानाध्यापक की कुर्सी की रार"
हरदोई: प्रधानाध्यापक पद को लेकर जारी विवाद अब बच्चों की सेहत तक पहुंच चुका है। पीएम श्री विद्यालय मुजाहिदपुर में पूर्व में इंचार्ज रही सहायक अध्यापिका स्नेहा सिंह ने बच्चों से कहा कि दूध में ज़हर मिला है, जिससे वे इतना डर गए कि उन्होंने न सिर्फ दूध पीने से इनकार कर दिया, बल्कि मिड-डे मील (एमडीएम) भी नहीं लिया। वायरल वीडियो में बच्चे कहते सुने गए कि "बड़ी मैम" ने उन्हें ऐसा बताया था।
प्रधानाध्यापक पद का विवाद और आरोप
बावन ब्लॉक के पीएम श्री विद्यालय मुजाहिदपुर में नियमों के तहत हेमंत पांडेय को प्रधानाध्यापक के पद पर नियुक्त किया गया था। लेकिन स्कूल की तत्कालीन इंचार्ज अध्यापिका स्नेहा सिंह ने चार्ज सौंपने से इनकार कर दिया। हेमंत पांडेय ने इस मामले की शिकायत बीएसए और शासन को चिट्ठी लिखकर की। इसके बावजूद स्नेहा सिंह ने चार्ज नहीं सौंपा और मेडिकल छुट्टी पर चली गईं।
इस बीच, हेमंत पांडेय ने निर्देशानुसार मानव संपदा आईडी पर अपना नाम प्रधानाध्यापक के रूप में दर्ज कर सरकारी कामकाज शुरू कर दिया।
बच्चों में दहशत, दूध और एमडीएम से किया किनारा
बुधवार को जब स्नेहा सिंह मेडिकल से लौटीं, उसी दौरान बच्चों को दूध वितरित किया जा रहा था। लेकिन अचानक सभी बच्चे कतार से हटकर वहां से चले गए।
प्रधानाध्यापक हेमंत पांडेय ने जब बच्चों से दूध न लेने की वजह पूछी, तो उन्होंने बताया कि "बड़ी मैम" (स्नेहा सिंह) ने कहा कि दूध में ज़हर मिला हुआ है।"
शिकायत और कार्रवाई की मांग
हेमंत पांडेय ने इस घटना का वीडियो और अपनी शिकायत बीएसए व बीईओ बावन को भेजी, साथ ही ऐसे भ्रामक अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि "भविष्य में कोई भी बच्चों के स्वास्थ्य और मानसिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न करे, इसके लिए कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।"