Ghazipur गाजीपुर: रविवार तड़के एक हृदय विदारक घटना घटी जब गंगा घाट पर स्नान करते समय तीन किशोरियाँ गंगा में डूब गईं। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों समेत ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई अन्य लड़कियाँ भी डूब रही थीं, लेकिन स्थानीय लोगों और आसपास के नाविकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें बचा लिया।
कार्तिक माह का हिंदू समाज में विशेष महत्व है, क्योंकि इसे सबसे पवित्र महीना माना जाता है। यह चातुर्मास का अंतिम महीना है, जिसमें भगवान विष्णु अपनी योग निद्रा से जागते हैं। इस महीने में गंगा स्नान, दीपदान, तुलसी पूजन और भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। शायद यही कारण है कि कार्तिक मास में कई महिलाएं और युवतियां सुबह-सुबह गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना करती हैं। इसी कारण, आस-पास के गांवों की कई महिलाएं और युवतियां गंगा स्नान करने गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र के अमवा गंगा घाट पर गई थीं।
सुबह करीब छह बजे वे गंगा में नहा रही थीं कि अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी में चली गईं, जिससे अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच तीन युवतियाँ लहरों में बह गईं, जबकि चार अन्य को स्थानीय नाविक बलिराम चौधरी ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचा लिया। डूबी युवतियों की पहचान रमजनपुर निवासी पूनम (19) पुत्री रामबचन यादव, रोली (16) पुत्री राजदेव यादव और खुशी (12) पुत्री बबलू यादव के रूप में हुई है।
सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुँची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की। घाट पर मातम छा गया, परिवार के सदस्य गमगीन थे, कोई अपनी बेटियों को पुकार रहा था, तो कोई लहरों को निहारता रहा। गाँव की गलियों में मातमी सन्नाटा छा गया। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार मौके पर पहुँचे और एनडीआरएफ को सूचना दी।