Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर : उत्तर प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर ऑनलाइन निवेश में भारी मुनाफे का झांसा देकर 1 करोड़ 1 लाख 2 हजार रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ठगी की रकम में से करीब 23 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं और उसे पीड़ित के खाते में वापस कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर रेंज के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अपराध सुभाष चंद्र और साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित को फेसबुक पर एक महिला के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली थी। आरोपी महिला ने अपना नाम गीतिका कपूर उर्फ "जीजी" बताया और बातचीत के जरिए पीड़ित का विश्वास हासिल कर लिया। इसके बाद उसे ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का लालच दिया गया।
आरोपियों ने पीड़ित को डीजीएक्ससी नाम की वेबसाइट पर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर फर्जी निवेशकों के जरिए बड़े लाभ का झूठा माहौल तैयार किया गया। वेबसाइट पर पीड़ित को काल्पनिक मुनाफा दिखाया गया, जिससे वह लगातार पैसे निवेश करता रहा। अलग-अलग समय पर पीड़ित से विभिन्न बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 1 लाख 2 हजार रुपये जमा करा लिए गए।
जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की तो साइबर ठगों ने फाइनल वेरिफिकेशन, डेटा रिपेयरिंग और एंटी मनी लॉन्ड्रिंग प्रक्रिया जैसे बहाने बनाकर उससे और रकम जमा करने का दबाव बनाया। इसके बाद पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने साइबर क्राइम थाना मुजफ्फरनगर में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने इस मामले में सहारनपुर जिले के गंगोह थाना क्षेत्र निवासी शहनवाज उर्फ गुड्डू पुत्र सलीम को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है और उसके दोस्त फैजुल उर्फ फुजैल ने उसे ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क के बारे में जानकारी दी थी। आरोपी ने बताया कि गिरोह के सदस्य बैंक खातों की व्यवस्था करने वालों को कमीशन देते थे। लालच में आकर उसने अपने साले अब्दुल कादिर सहित अन्य लोगों के बैंक खातों की जानकारी गिरोह को उपलब्ध कराई, जिनमें ठगी की रकम जमा कराई जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में पहले ही अब्दुल कादिर, मोहम्मद आकिब अली, निखिल त्रिपाठी, बलवंत जायसवाल और मोहित कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं हरीश जैन और विवेक बंजारा को बी-वारंट के जरिए तलब किया गया है।
साइबर पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय होकर लोगों को ऑनलाइन निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने, ऑनलाइन निवेश में असामान्य मुनाफे के लालच और संदिग्ध वेबसाइटों पर पैसा लगाने से बचें। साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराएं।