वाराणसी। ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से बलरामपुर चीनी मिल के लिए 200 टन से अधिक वजनी शुगर मिल वेसल यानी वैक्यूम बॉयलर लेकर निकला विशाल मल्टी-एक्सल ट्रेलर शनिवार को बनारस पहुंचने की संभावना है। 308 पहियों वाले इस ट्रेलर का आकार इतना बड़ा है कि इसे सुरक्षित तरीके से शहर की सीमा से निकालने के लिए कई विभागों को मिलकर रास्ता तैयार करना पड़ रहा है। ट्रेलर चंदौली जिले में पहुंच चुका है और अब उसके वाराणसी से होकर आगे जाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

विशाल ट्रेलर के मार्ग को सुरक्षित और बाधामुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन, यातायात पुलिस, बिजली विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) समेत कई विभागों की टीमें सक्रिय हो गई हैं। शुक्रवार को अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रस्तावित मार्ग का सर्वे किया। इस दौरान रास्ते में आने वाली बाधाओं को चिह्नित करने के साथ उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

करीब सात मीटर चौड़े मल्टी-एक्सल ट्रेलर को सामान्य सड़क और टोल लेन से निकालना आसान नहीं है। इसी वजह से डाफी टोल प्लाजा के बाईं ओर रास्ते को तोड़कर चौड़ा करने का काम शुरू किया गया है। ट्रेलर की चौड़ाई को देखते हुए यहां पर्याप्त जगह तैयार की जा रही है, ताकि भारी-भरकम वाहन बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ सके।

डाफी टोल प्लाजा पार करने के बाद ट्रेलर को आगे निर्धारित मार्ग से ले जाया जाएगा। इसके रास्ते में मोहनसराय क्षेत्र भी आएगा। यहां मौजूद फुट ओवरब्रिज विशाल ट्रेलर के आवागमन में बाधा बन रहा है। इसे देखते हुए फुट ओवरब्रिज को हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि ट्रेलर पहुंचने से पहले रास्ता पूरी तरह साफ हो जाए।

मोहनसराय से निकलने के बाद मल्टी-एक्सल ट्रेलर रिंग रोड पकड़ेगा। यहां से इसे हरहुआ, सारनाथ और संदहा होते हुए गाजीपुर की दिशा में आगे भेजा जाएगा। पूरे मार्ग का पहले से सर्वे किया जा रहा है। सड़क की चौड़ाई, मोड़, ओवरहेड तार, बिजली के खंभे, स्ट्रीट लाइट और साइनेज बोर्ड जैसी बाधाओं को चिह्नित किया गया है।

विशेष रूप से बिजली विभाग के लिए यह आवागमन बड़ी चुनौती है। ट्रेलर पर रखा शुगर मिल वेसल आकार में काफी बड़ा है। ऐसे में रास्ते में नीचे से गुजर रहे बिजली के तार इसके आवागमन में बाधा बन सकते हैं। जिन स्थानों पर तार या खंभे ट्रेलर के सुरक्षित आवागमन को प्रभावित कर सकते हैं, वहां आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

इसी तरह सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट पोल और साइनेज बोर्ड भी जरूरत के अनुसार हटाए जा रहे हैं। संबंधित विभागों की टीमें इस काम में लगी हैं। ट्रेलर के गुजरने के बाद हटाए गए आवश्यक ढांचों को दोबारा व्यवस्थित करने की प्रक्रिया की जा सकती है। फिलहाल प्राथमिकता विशाल ट्रेलर को सुरक्षित तरीके से निर्धारित मार्ग से निकालने की है।

308 पहियों वाला यह मल्टी-एक्सल ट्रेलर अपने आप में लोगों के आकर्षण का केंद्र बन सकता है। इस तरह के विशेष वाहनों का इस्तेमाल अत्यधिक भारी औद्योगिक उपकरणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जाता है। सामान्य ट्रकों से इतने भारी और बड़े उपकरणों का परिवहन संभव नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में पहियों वाले विशेष मल्टी-एक्सल ट्रेलर का इस्तेमाल किया जाता है।

ट्रेलर पर लदा वैक्यूम बॉयलर 200 टन से अधिक वजन का बताया जा रहा है। इसे ओडिशा के पारादीप बंदरगाह से बलरामपुर चीनी मिल तक पहुंचाया जा रहा है। लंबी दूरी की इस यात्रा में ट्रेलर को अलग-अलग जिलों और राज्यों से गुजरना पड़ रहा है। वाहन के आकार और वजन के कारण इसकी गति भी सामान्य वाहनों की तुलना में काफी कम रहती है।

वाराणसी क्षेत्र में ट्रेलर की आवाजाही को लेकर यातायात व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रहेगी। सात मीटर चौड़ा वाहन जब निर्धारित मार्ग से गुजरेगा तो सामान्य यातायात पर असर पड़ने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस आवश्यक व्यवस्था करने में जुटी है। संबंधित मार्गों पर ट्रेलर की आवाजाही के दौरान यातायात को नियंत्रित किया जा सकता है, ताकि किसी तरह की दुर्घटना या जाम की स्थिति न बने।

अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ट्रेलर को संकरे हिस्सों और संरचनात्मक बाधाओं वाले स्थानों से सुरक्षित निकालने की है। इसी वजह से ट्रेलर के वाराणसी पहुंचने से पहले ही मार्ग का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है। डाफी टोल प्लाजा पर रास्ता चौड़ा करने और मोहनसराय में फुट ओवरब्रिज हटाने की प्रक्रिया इसी तैयारी का हिस्सा है।

ट्रेलर के चंदौली पहुंचने के बाद वाराणसी प्रशासन की तैयारियां और तेज हो गई हैं। अलग-अलग विभाग अपने हिस्से की बाधाओं को हटाने में लगे हैं। बिजली के तार और खंभों से लेकर स्ट्रीट लाइट तथा साइनेज बोर्ड तक की जांच की जा रही है।

शनिवार को विशाल मल्टी-एक्सल ट्रेलर के बनारस पहुंचने के साथ ही इसे डाफी, मोहनसराय और रिंग रोड के रास्ते आगे निकाला जाएगा। इसके बाद हरहुआ, सारनाथ और संदहा होते हुए यह गाजीपुर की ओर बढ़ेगा। 308 पहियों पर 200 टन से अधिक वजन का वैक्यूम बॉयलर लेकर चल रहे इस विशाल वाहन के लिए फिलहाल प्रशासन से लेकर कई विभाग रास्ता तैयार करने में जुटे हैं।

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