Firozabad: काँच म्यूजियम से सुहाग नगरी का कला और हुनर दुनियाभर में पहुंचेगा
फ़िरोज़ाबाद: जनपद के दबरई क्षेत्र में विकास भवन के समीप 47.47 करोड़ रुपये की लागत से 25,700 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में बन रहा ग्लास म्यूजियम अत्याधुनिक सुविधायों से लैस होगा। जिसका 60 प्रतिशत से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जिसमें 5सौ सीटो वाला भव्य ऑडिटोरियम और 150 सीटों वाला ओपन -एयर थियेटर, वांच टॉवर और आर्ट गैलरी होगी जहां काँच की जादुई कलाकृतियों का प्रदर्शन होगा इसके अलावा मल्टीपर्पज हॉल, कैफेटेरिया ओर पर्यटन सूचना केन्द्र होगा जो आगन्तुको को विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करेंगे
उत्तर प्रदेश का जनपद फ़िरोज़ाबाद अब अपनी पारम्परिक चूड़ियों की पहचान से आगे निकलकर वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक चमकता हुआ केन्द्र बनने जा रहा है
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजनरी प्रोजेक्ट एक जिला एक उत्पाद (ओडीपी ) को नई ऊँचाइयों पर ले जाते हुए , फ़िरोज़ाबाद की (सुहाग नगरी ) में भारत का पहला भव्य ग्लास म्यूजियम तैयार कर रही है।
लगभग 47.47 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह काँच का संग्रहालय न केवल कांच से बनने वाली कला को प्रदर्शित करेगा। बल्कि यहाँ की स्थानीय अर्थ व्यवस्था और पर्यटन के लिये "गेम चेंजर" साबित होगा।
सुहाग नगरी का काँच उद्योग केवल व्यापार नही बल्कि यहाँ की आधी आबादी की जीवन रेखा है। आंकड़ो के अनुसार शहर के काँच व्यवसाय से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 5 से 6 लाख लोग इससे जुड़े हुए है। और अकेले चूड़ी निर्माण और उसकी सजावट के कार्य से लगभग 50 हजार परिवार जुड़े हुए है। यह म्यूजियम दुनिया के सामने लाने का उद्देश्य यह है, कि फ़िरोज़ाबाद के हुनर को दुनिया मे देखा जा सके। जो न केवल काँच से जुड़े कारीगरों को वैश्विक मंच देगा। बल्कि रोजगार के हजारों नये अवसर भी पैदा करेगा।
फ़िरोज़ाबाद में लगभग 465 सक्रिय औद्योगिक इकाइयां है। जिनमे पॉट फर्नेश ( चूड़ियों के लिए) टैंक फर्नेश (वर्तन और बल्व के लिए) और मफल फर्नेश जो चूड़ियों की फिनिशिंग और हीट ट्रीटमेंट लिये होती है।
वर्तमान में फ़िरोज़ाबाद से 15 सौ करोड़ रुपये सालाना का निर्यात होता है। जिसमे ग्लास वुड आइटम , फ्लॉवर पॉट और क्रिसमस डेकोरेशन जैसे उत्पाद प्रमुख है। ग्लास म्यूजियम बनने से विदेशी खरीददारो और डिजाइनरों के लिये यह विजनेस हब की तरह काम करेगा। जिससे निर्यात में बढ़ोत्तरी की उम्मीद है।
"ग्लास उद्योग को लगेंगे पंख बढेगा निर्यात"
ग्लास म्यूजियम को लेकर उद्योग जगत में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। ऑल इंडिया ग्लास मैन्युफैक्चरर फेडरेशन के उपाध्यक्ष और यूपी ग्लास मेन्युफेक्चरिंग सिंडिकेट के महासचिव मुकेश बंसल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा है। कि योगी सरकार का यह प्रयास फ़िरोज़ाबाद के ग्लास उद्योग के लिये गेम चेंजर साबित होगा। इससे काँच उद्योग को पंख लगेंगे और हमारे निर्यात में भारी बढ़ोत्तरी होगी। अभी तक हमे अपनी कला को प्रदर्शित करने के लिये मंच की कमी खलती थी। लेकिन यह म्यूजियम हमे वैश्विक मंच प्रदान करेगा। जिससे दुनिया भर के खरीदार हमारी क्षमता को देख सकेंगे।
यह म्यूजियम संस्कृति और उद्योग का एक अनूठा संगम होगा, जो दुनिया भर के पर्यटकों को काँच निर्माण के गौरवशाली इतिहास और आधुनिक तकनीक से रूबरू करायेगा।