Farrukhabad: उर्वरक जांच में गड़बड़ी उजागर, 3 दुकानों के लाइसेंस निलंबित

Update: 2025-07-17 14:16 GMT

फर्रुखाबाद: उर्वरक बिक्री में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर कृषि विभाग (Agriculture Department) और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने जनपद भर में 29 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 13 प्रतिष्ठानों के उर्वरक नमूने मानक विहीन पाए गए, वहीं तीन दुकानदारों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित (suspended) कर दिए गए।

जिला कृषि अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि ये कार्रवाई उर्वरकों की कालाबाजारी, भंडारण अनियमितता और गुणवत्ता में गिरावट की बढ़ती शिकायतों के चलते की गई। तहसीलवार गठित 6 टीमों ने इन प्रतिष्ठानों पर जांच की। निरीक्षण के दौरान तीन प्रतिष्ठानों नेहरू कृषि फर्टिलाइजर्स भोजपुर, न्यू श्री राम गांव गैसड़ी अमृतपुर, और राम खाद भंडार कायमगंज की दुकानों को बिना किसी पूर्व सूचना के बंद पाया गया, जिससे उनकी पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी। दोषी दुकानदारों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।जिला कृषि अधिकारी ने उर्वरक विक्रेताओं से अपील की है कि वे केवल मानक और अनुमोदित मात्रा में ही उर्वरक का भंडारण और विक्रय करें। उर्वरकों की कालाबाजारी व मिलावट के विरुद्ध जिले में “शून्य सहिष्णुता” की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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