श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के सीईओ पद पर जल्द होगा फैसला 16 फाइनलिस्ट में तीन सबसे आगे
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सीईओ की रेस में तीन पूर्व नौकरशाह फ्रंट रनर 16 फाइनलिस्ट में तीन का होगा अंतिम चयन
अयोध्या : अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद को लेकर चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस महत्वपूर्ण पद के लिए 16 फाइनलिस्ट में से तीन पूर्व नौकरशाहों को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। अंतिम चयन के बाद ट्रस्ट के प्रशासनिक और प्रबंधन संबंधी कामकाज को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
16 फाइनलिस्ट में से तीन का चयन
CEO पद के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवारों पर विचार के बाद 16 नामों को अंतिम सूची में शामिल किया गया है। अब इनमें से तीन उम्मीदवारों का चयन किया जाना है। बताया जा रहा है कि अंतिम चरण में प्रशासनिक अनुभव, नेतृत्व क्षमता और बड़े स्तर पर परियोजनाओं को संभालने की योग्यता जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
तीन पूर्व नौकरशाह सबसे आगे
सूत्रों के मुताबिक तीन पूर्व नौकरशाह इस दौड़ में फ्रंट रनर बने हुए हैं। इन अधिकारियों के पास प्रशासनिक व्यवस्था और बड़े प्रोजेक्ट्स को संभालने का लंबा अनुभव है। ट्रस्ट के सामने मंदिर निर्माण से जुड़े कार्यों के साथ-साथ श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को मजबूत करने की चुनौती भी है। ऐसे में CEO पद के लिए अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी को प्राथमिकता मिलने की संभावना जताई जा रही है।
CEO की भूमिका क्यों अहम?
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक और प्रबंधन कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मंदिर परिसर के संचालन, विभिन्न परियोजनाओं के समन्वय, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में CEO का पद अहम माना जाता है। मंदिर निर्माण के साथ अयोध्या में तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे और बढ़ते धार्मिक पर्यटन के कारण ट्रस्ट के प्रशासनिक काम का दायरा भी बढ़ रहा है।
अंतिम चयन पर नजर
16 फाइनलिस्ट में से तीन उम्मीदवारों के अंतिम चयन की प्रक्रिया पर अब सभी की नजर है। चयन के बाद चुने गए अधिकारी को ट्रस्ट की मौजूदा प्राथमिकताओं के साथ भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी मिल सकती है। अयोध्या में राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं और बढ़ते श्रद्धालु दबाव को देखते हुए नए CEO की नियुक्ति को महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला माना जा रहा है।