Illegal घुसपैठ नेटवर्क पर शिकंजा, ED ने 16 ठिकानों पर मारे छापे

Update: 2026-07-16 14:36 GMT

Lucknow लखनऊ :   प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने कथित आतंकी वित्तपोषण और अवैध घुसपैठ नेटवर्क से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने 16 जुलाई 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

ईडी के अनुसार, यह कार्रवाई एक संगठित गिरोह के खिलाफ चल रही जांच के तहत की गई है। इस मामले में जांच की शुरुआत उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (यूपी एटीएस) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर हुई थी। एफआईआर में आईपीसी, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

जांच एजेंसी के मुताबिक, जिस नेटवर्क की जांच की जा रही है, उस पर आरोप है कि वह रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में अवैध तरीके से प्रवेश कराने में मदद करता था। इसके अलावा आरोप है कि गिरोह के सदस्य इन लोगों के लिए फर्जी भारतीय पहचान पत्र भी तैयार करवाते थे।

ईडी की जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि इस नेटवर्क के जरिए आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के फर्जी निर्माण और इस्तेमाल की गतिविधियां की जा रही थीं। इसके बाद इन लोगों को देश के अलग-अलग हिस्सों में बसाने की व्यवस्था की जाती थी।

तलाशी अभियान के दौरान ईडी की टीमों ने कई संदिग्ध परिसरों की जांच की। हालांकि, तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी जांच एजेंसी की ओर से अभी साझा नहीं की गई है। एजेंसी मामले से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

ईडी अधिकारियों के अनुसार, पीएमएलए के तहत जांच का उद्देश्य अवैध तरीके से अर्जित धन और उसके इस्तेमाल से जुड़े मामलों का पता लगाना है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि इस कथित नेटवर्क को आर्थिक मदद कहां से मिल रही थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं से भी जुड़ा हुआ है। अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले भी कई बार कार्रवाई कर चुकी हैं। इस तरह के मामलों में जांच एजेंसियां स्थानीय नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास करती हैं।

ईडी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, अवैध घुसपैठ कराने और कथित वित्तीय लेनदेन में कौन-कौन लोग शामिल थे।

इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।

फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और जांच एजेंसी संबंधित लोगों से पूछताछ तथा दस्तावेजों की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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