ETP बंद और प्रदूषण मामले में सख्ती, फैक्टरी बंद करने के आदेश

Update: 2026-07-23 13:47 GMT

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में प्रशासन ने अमोनिया गैस रिसाव मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व बसपा सांसद और वरिष्ठ सपा नेता फजलुर्रहमान कुरैशी की हरोड़ा स्थित एएलएम मीट फैक्टरी का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया है। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि फैक्टरी में पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन और अपशिष्ट प्रबंधन में लापरवाही सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है।

जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई को एएलएम मीट फैक्टरी में अमोनिया गैस लीक होने की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों से जांच कराई। जांच रिपोर्ट आने से पहले ही जिलाधिकारी ने फैक्टरी का संचालन बंद करने के आदेश जारी कर दिए।

प्रशासनिक जांच के दौरान पर्यावरण विभाग की टीम ने फैक्टरी के संचालन से जुड़ी कई कमियां पाईं। जांच में सामने आया कि फैक्टरी का इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) बंद मिला। इसके अलावा फैक्टरी से निकलने वाले अपशिष्ट पानी के निस्तारण को लेकर भी गंभीर सवाल उठे। जांच टीम ने पाया कि फैक्टरी का अपशिष्ट पानी हिंडन नदी के किनारे खेतों में बनाए गए कुंडों में डाला जा रहा था।

अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों के लिए पर्यावरणीय नियमों का पालन करना अनिवार्य है। अपशिष्ट जल के उचित निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने से पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने फैक्टरी का संचालन रोकने का निर्णय लिया।

गौरतलब है कि अमोनिया गैस रिसाव की घटना में फैक्टरी में काम करने वाली 14 महिला श्रमिक प्रभावित हुई थीं। गैस के संपर्क में आने के बाद कई महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हुईं, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था। इनमें चार महिला श्रमिक मिस्बा, निशा, नगमा और अमरीना की हालत अधिक प्रभावित बताई गई थी और उनका लंबे समय तक इलाज चला। हालांकि अब सभी पीड़ित महिलाओं की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

घटना के बाद फैक्टरी प्रबंधन की ओर से भी सफाई दी गई थी। पूर्व सांसद फजलुर्रहमान कुरैशी ने बताया कि अमोनिया गैस रिसाव की समस्या को तकनीशियनों ने करीब 20 से 25 मिनट के भीतर ठीक कर दिया था। उन्होंने कहा कि घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाए गए थे।

वहीं, प्रशासन इस पूरे मामले में नियमों के उल्लंघन की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि फैक्टरी में पर्यावरणीय मानकों और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी के आदेश के बाद फैक्टरी का संचालन बंद होने से प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि औद्योगिक इकाइयों को सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी नियमों का पालन करना होगा। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया है और मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाए।

फिलहाल एएलएम मीट फैक्टरी बंद है और संबंधित विभागों की जांच प्रक्रिया जारी है। प्रशासन की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि फैक्टरी को दोबारा संचालन की अनुमति कब और किन शर्तों पर दी जाएगी।

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