बाढ़ और सूखे की चुनौती पर सीएम सख्त, अधिकारियों को दिए निर्देश

Update: 2026-07-20 16:00 GMT

Lucknow लखनऊ :   उत्तर प्रदेश में अनियमित बारिश से पैदा हुई दोहरी चुनौती को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में पूरी संवेदनशीलता और तेजी के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, किसानों की फसल और आमजन की आजीविका की रक्षा करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में तेजी लाई जाए और जहां बारिश की कमी है, वहां किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को प्रदेश में मौसम की स्थिति को लेकर समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में उन्होंने कम वर्षा वाले क्षेत्रों में सूखे की संभावित स्थिति और अधिक बारिश वाले इलाकों में बाढ़ के खतरे को लेकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में प्रदेश के हर जिले की स्थिति अलग-अलग है, इसलिए सभी जिलों के लिए एक जैसी रणनीति नहीं बनाई जा सकती। स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार राहत और बचाव की योजना तैयार करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश हुई है, वहां खेती की गतिविधियों पर इसका असर नहीं पड़ना चाहिए। किसानों को समय पर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नहरों, जलाशयों, राजकीय नलकूपों और अन्य उपलब्ध सिंचाई संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को फसलों की सिंचाई में परेशानी न हो।

सीएम योगी ने कहा कि बुवाई और सिंचाई से जुड़े रियल टाइम आंकड़ों की लगातार समीक्षा की जाए। इससे उन क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जहां बारिश की कमी के कारण कृषि कार्य प्रभावित होने की संभावना है। उन्होंने कृषि और सिंचाई विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में वर्षा की कमी के कारण बुवाई प्रभावित होने की आशंका है, वहां तत्काल कार्ययोजना तैयार कर किसानों को राहत पहुंचाई जाए। किसानों को आवश्यक संसाधन, तकनीकी सहायता और सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए किसी भी परिस्थिति में उन्हें परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

वहीं, अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत और बचाव कार्यों की पहले से तैयारी पूरी रखी जाए। प्रभावित लोगों तक भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य जरूरी सहायता समय पर पहुंचनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय रहे और सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक सरकार की मदद पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में मौसम की स्थिति, जिलेवार तैयारियों, राहत संसाधनों की उपलब्धता और किसानों की समस्याओं पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बदलते मौसम की परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार तत्काल कदम उठाए जाएंगे।

सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जलभराव, फसलों के नुकसान और जनजीवन प्रभावित होने जैसी समस्याओं का तेजी से समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल आपदा के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि पहले से तैयारी करके नुकसान को कम करना भी होना चाहिए।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सभी संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को जिले स्तर पर निगरानी बढ़ाने और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार संपर्क बनाए रखने को कहा गया है। सरकार का कहना है कि बाढ़ हो या सूखे की स्थिति, प्रदेश के नागरिकों और किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

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