वाराणसी। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने मंगलवार को सदर स्थित ईवीएम वेयर हाउस का आंतरिक त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्वाचन से जुड़ी व्यवस्थाओं, ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों के सुरक्षित रख-रखाव, सुरक्षा प्रोटोकॉल और वेयर हाउस में उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। वाराणसी जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर सत्येन्द्र कुमार वर्तमान जिलाधिकारी के रूप में दर्ज हैं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के रख-रखाव की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों से मशीनों की सुरक्षा, सीलिंग, रिकॉर्ड और नियमित निगरानी से जुड़ी जानकारी ली। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित सभी मानकों और प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। ईवीएम वेयर हाउस में हर व्यवस्था तय प्रक्रिया के अनुसार संचालित होनी चाहिए और सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं की नियमित समीक्षा भी होती रहनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान वेयर हाउस की प्रवेश और निकास व्यवस्था की भी जांच की गई। यह देखा गया कि परिसर में आने-जाने वाले लोगों का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित तरीके से दर्ज किया जा रहा है या नहीं। साथ ही प्रवेश की अनुमति केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही मिले, इस व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि सभी कैमरे सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं और निगरानी व्यवस्था लगातार सक्रिय रखी जा रही है या नहीं। पूर्व के त्रैमासिक निरीक्षणों में भी वेयर हाउस के सीसीटीवी, फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जाती रही है।

निरीक्षण के दौरान वेयर हाउस परिसर और मशीनों से जुड़े अभिलेखों की भी जांच की गई। जिलाधिकारी ने रिकॉर्ड संधारण को व्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मशीनों से जुड़ी हर गतिविधि का रिकॉर्ड निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए।

ईवीएम और वीवीपैट मशीनें चुनाव प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं, इसलिए इनके रख-रखाव और सुरक्षा के लिए अलग-अलग स्तर पर निर्धारित नियमों का पालन किया जाता है। वेयर हाउस के निरीक्षण का उद्देश्य इन्हीं व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करना है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और उनकी ड्यूटी व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को निर्धारित समय और जिम्मेदारी के अनुसार काम करना चाहिए और सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की शिथिलता नहीं होनी चाहिए।

पिछले निरीक्षणों में भी सत्येन्द्र कुमार ने वेयर हाउस की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, सीसीटीवी कंट्रोल रूम को सक्रिय रखने और मशीनों तथा अभिलेखों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए थे।

इस बार भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वेयर हाउस के अंदर और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा जाए। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दी जाए।

निरीक्षण के दौरान परिसर की साफ-सफाई और आवश्यक सुविधाओं की स्थिति भी देखी गई। निर्वाचन सामग्री लंबे समय तक सुरक्षित रखी जाती है, इसलिए वेयर हाउस में साफ-सफाई, नमी से बचाव और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं का दुरुस्त रहना आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ निरीक्षण के समय ही नहीं, बल्कि हर दिन निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए।

ईवीएम वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था में सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश नियंत्रण, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और रिकॉर्ड संधारण प्रमुख हिस्से हैं। जिलाधिकारी ने इन सभी व्यवस्थाओं को एक-एक कर देखा और संबंधित अधिकारियों से जानकारी हासिल की।

उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि वेयर हाउस से संबंधित सभी अभिलेख सही और अद्यतन स्थिति में रहें। किसी भी मशीन के स्थानांतरण, निरीक्षण या अन्य प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड निर्धारित प्रारूप में दर्ज किया जाए।

निरीक्षण के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल के अलावा प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने और निर्वाचन आयोग से प्राप्त दिशा-निर्देशों को समय पर लागू करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखने के लिए मशीनों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए हर स्तर पर नियमों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए।

वेयर हाउस में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के सुरक्षित भंडारण को लेकर निर्धारित मानकों के अनुसार निगरानी की जाती है। त्रैमासिक निरीक्षण इसी नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से मशीनों की स्थिति और रख-रखाव से जुड़ी जानकारी लेने के साथ सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता भी देखी। किसी भी तकनीकी या सुरक्षा संबंधी कमी को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि वेयर हाउस परिसर में अनधिकृत प्रवेश की कोई संभावना न रहे। इसके लिए प्रवेश और निकास के सभी बिंदुओं की निगरानी और रिकॉर्डिंग व्यवस्था सक्रिय रखने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा में किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। नियमित निरीक्षण के साथ सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण भी समय-समय पर किया जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी चुनाव से पहले मशीनों की सुरक्षा और उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है, इसलिए वेयर हाउस की व्यवस्थाओं को हमेशा तैयार स्थिति में रखा जाना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारियों ने जिलाधिकारी को ईवीएम और वीवीपैट के रख-रखाव, सुरक्षा प्रोटोकॉल और निगरानी व्यवस्था की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार मशीनों को सुरक्षित रखा जा रहा है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि वेयर हाउस की सुरक्षा और अभिलेखों के रख-रखाव की नियमित समीक्षा जारी रखी जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी कहा कि यदि किसी स्तर पर कोई कमी सामने आती है तो उसे तत्काल दूर किया जाए।

आंतरिक त्रैमासिक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने ईवीएम वेयर हाउस की पूरी व्यवस्था का जायजा लेने के बाद अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के सभी मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। प्रशासन का फोकस मशीनों की सुरक्षा, पारदर्शी रिकॉर्ड व्यवस्था और लगातार निगरानी बनाए रखने पर है।

Tags: