ससुराल में बढ़ई ने पांच लोगों पर बांके से किया हमला बचाव में पिटाई से हुई मौत
फतेहपुर। औंग थाना क्षेत्र के आशापुर गांव से जुड़ी एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। ससुराल पहुंचे 50 वर्षीय बढ़ई पवन विश्वकर्मा ने कथित तौर पर अपने छोटे साले, उसकी पत्नी और तीन भतीजों पर बांके से हमला कर दिया। हमले में पांच लोग घायल हो गए। इस दौरान बचाव और हमलावर को काबू करने की कोशिश में हुई मारपीट में पवन विश्वकर्मा भी गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
हमले में घायल लोगों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। इनमें तीन लोगों की हालत गंभीर बताई गई, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वारदात के पीछे लंबे समय से चला आ रहा पारिवारिक विवाद होने की बात सामने आ रही है।
जानकारी के मुताबिक आशापुर गांव निवासी पवन विश्वकर्मा पेशे से बढ़ई था। उसकी शादी गांव से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित बीकमपुर में हुई थी। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के रिश्ते पिछले कई वर्षों से ठीक नहीं चल रहे थे। करीब दस साल से उसकी पत्नी सूरत में मायके पक्ष के एक रिश्तेदार के साथ रह रही थी।
पवन को कथित तौर पर इस बात का संदेह था कि पत्नी के मायके वाले उसका साथ दे रहे हैं और उन्हीं की वजह से वह उसके पास वापस नहीं आ रही है। इसे लेकर पवन के मन में ससुराल पक्ष के प्रति नाराजगी होने की बात सामने आई है। हालांकि पत्नी के अलग रहने के बावजूद पवन का अपनी ससुराल में आना-जाना बना हुआ था।
बुधवार शाम करीब पांच बजे पवन अपनी ससुराल पहुंचा। वह सबसे पहले अपने बड़े साले राजू के घर गया। बताया जा रहा है कि राजू के बेटे की शादी के लिए लड़की दिखाने की बात कहकर पवन उसे अपने साथ ले गया। इस दौरान किसी को अंदाजा नहीं था कि आगे घटनाक्रम इतना हिंसक रूप ले लेगा।
इसके बाद पारिवारिक विवाद के बीच पवन ने कथित तौर पर बांका निकाल लिया और ससुराल पक्ष के लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया। हमले की चपेट में उसका छोटा साला, साले की पत्नी और तीन भतीजे आ गए। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पवन के हाथ में धारदार हथियार देखकर परिवार के सदस्यों ने खुद को बचाने के साथ उसे रोकने की कोशिश की। इसी दौरान हुई मारपीट में पवन को भी गंभीर चोटें आईं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि तब तक कई लोग घायल हो चुके थे।
घटना के बाद घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। सभी को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया। पांच घायलों में से तीन की स्थिति ज्यादा गंभीर होने के कारण उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया।
दूसरी तरफ गंभीर रूप से घायल पवन विश्वकर्मा की जान नहीं बचाई जा सकी। उसकी मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया। एक तरफ पवन पर पांच लोगों को बांके से घायल करने का आरोप है तो दूसरी ओर बचाव में हुई मारपीट के दौरान उसकी मौत हुई है। ऐसे में पुलिस दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए घटना की जांच कर रही है।
वारदात की सूचना औंग थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर परिस्थितियों का जायजा लिया और परिवार के सदस्यों व आसपास के लोगों से घटना के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। पुलिस के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि विवाद किस बात से शुरू हुआ और हमले से पहले घटनास्थल पर क्या-क्या हुआ था।
पवन की पत्नी का करीब दस वर्षों से उससे अलग रहना भी जांच का महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है। पवन को कथित तौर पर आशंका थी कि पत्नी के मायके वालों के समर्थन के कारण वह उससे अलग रह रही है। लंबे समय से मन में चल रही इसी नाराजगी को घटना के पीछे संभावित कारण के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि वारदात के वास्तविक कारण और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घायल लोगों के बयान भी मामले में महत्वपूर्ण साबित होंगे। तीन घायलों की हालत गंभीर होने के कारण फिलहाल उनके इलाज को प्राथमिकता दी जा रही है।
घटना से दोनों परिवारों में तनाव और मातम का माहौल है। पवन की मौत हो चुकी है, जबकि ससुराल पक्ष के पांच सदस्य घायल हैं। इनमें से तीन को गंभीर हालत में कानपुर भेजा गया है। अचानक हुए इस हिंसक घटनाक्रम से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं।
पुलिस इस बात की भी जांच कर सकती है कि पवन धारदार हथियार लेकर पहले से आया था या विवाद के दौरान उसने हथियार उठाया। इसके अलावा बड़े साले को बेटे की शादी के लिए लड़की दिखाने के बहाने साथ ले जाने की घटना का पूरे मामले से क्या संबंध था, इसे भी समझने की कोशिश की जा रही है।
वारदात में शामिल लोगों के पारिवारिक संबंध और पिछले विवादों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। लंबे समय से पति-पत्नी के अलग रहने और मायके पक्ष को लेकर पवन की कथित नाराजगी के कारण पुलिस पुराने घटनाक्रम को भी जांच में शामिल कर सकती है।
एक व्यक्ति की मौत और पांच लोगों के घायल होने के कारण यह मामला बेहद गंभीर हो गया है। पुलिस के सामने अब यह स्पष्ट करने की चुनौती है कि पवन पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ और उसकी मौत के लिए कौन जिम्मेदार है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उसकी मौत की वास्तविक वजह और चोटों की प्रकृति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
फिलहाल घायल लोगों का इलाज जारी है और पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बुधवार शाम शुरू हुए पारिवारिक विवाद ने किस तरह हिंसक रूप लिया और पवन विश्वकर्मा की मौत किन परिस्थितियों में हुई।