Kushinagar राजापाकड़/कुशीनगर: राम के चरण से गंगा निकली है और राम के आचरण से भी गंगा निकली है। चरण की गंगा से तन शुद्ध होता है और आचरण की गंगा से मन शुद्ध होता है। यह बातें अयोध्याधाम से पधारे मानस मर्मज्ञ गायत्री नंदन महाराज ने कही। वह तमकुही विकास खंड के ग्राम पंचायत बरवाराजापाकड़ के शिवाला टोला मे 120 वर्ष पूर्व स्थापित शिवमंदिर परिसर में वर्ष 1965 से लगने वाले महाशिवारात्रि मेला के निमित्त आयोजित 11 दिवसीय श्री श्री 1008 श्री रामचरित मानस नवाह परायण महायज्ञ के तीसरे व कथा प्रवचन के प्रथम दिन मंगलवार की सायं श्रोताओं को रामकथा सुना रहे थे। उन्होने कहा कि श्रीराम के चरणों से गंगा निकलने व उनके आचरण से भी गंगा निकलने का अर्थ है कि श्रीराम के चरणों व उनके आचरण में गंगा के समान पवित्रता है। प्रभु श्रीराम के चरित्र का अनुसरण कोई भी व्यक्ति महान बन सकता है।
कथावाचक ने कहा कि भगवान राम की कथा के श्रवण से मनुष्यों के मन से विकार दूर होते हैं। व्यक्ति का मन, विचार एवं आचरण पवित्र हो जाता है। जहां पवित्रता है वहीं ईश्वर होता है। संगीतमयी कथा में भजन गायक हरिओम, तबला वादक सौरभ तिवारी व पैड पर बलराम तिवारी ने संगत की। संचालन पं. दीपक मिश्र ने किया। यज्ञाचार्य पं. राकेश पांडेय, दीपक मिश्र, संतोष मिश्र ने यज्ञ मंडप मे यजमानगण जोखू, बतकी, रीता, मालती, शीला, सरिता, किरन से पूजन कराया। पं. दामोदर मिश्र, पं. प्रमोद पाठक व नेपाल शरण ने रामचरित मानस का परायण पाठ किया। इसके पूर्व कथा मंच का शुभारंभ मुख्य अतिथि राणाप्रताप सिंह, केन यूनियन के संचालक सत्यनारायण यादव, हरिदास महाराज, राजनारायण उर्फ चुन्नू मिश्र, अनूप गोंड, सिकंदर गुप्ता, अमरेश वर्मा, डब्लू मिश्र, सागर कुशवाहा व पंकज कुशवाहा ने व्यास पीठ का पूजन कर किया। इस दौरान यहां समिति के अध्धयक्ष राजू यादव धनन्जय मिश्र, दिनेश्वर यादव, धनन्जय सिंह सोनू, मृत्युंजय सिंह मोनू, रवींद्र यादव, डा. विजय श्रीवास्तव, मुकेश यादव, सतीश मद्धेशिया, ईश्वर गुप्ता, आनंद यादव, अंशुमान मिश्र साहब, अशोक यादव, साधु यादव, प्रेमचंद्र यादव, रामनाथ यादव, भोलू यादव, रवि वर्मा, कृष्णा साउंड, जयप्रकाश कुशवाहा आदि मौजूद रहे।