किसानों के लिए बड़ी राहत, अब ऑनलाइन मिलेगा सब्सिडी बीज

Update: 2026-07-23 13:27 GMT

बांदा। किसानों को सब्सिडी पर मिलने वाले बीज वितरण में अब पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब किसानों को अनुदान वाले बीज के लिए कृषि विभाग के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। किसान घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर अपनी जरूरत के अनुसार बीज की बुकिंग कर सकेंगे। शासन की ओर से लागू की गई इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बीज वितरण प्रक्रिया को निष्पक्ष और आसान बनाना है।

अब तक किसानों को सब्सिडी वाला बीज पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जाता था। इस व्यवस्था में कई बार किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। कुछ किसानों ने शिकायत की थी कि विभागीय कर्मचारियों और अधिकारियों से संपर्क रखने वाले लोगों को आसानी से बीज मिल जाता है, जबकि सामान्य किसान जानकारी और सुविधा के अभाव में पीछे रह जाते हैं। इन्हीं शिकायतों को देखते हुए शासन ने ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की है।

कृषि विभाग की वेबसाइट से होगी बुकिंग

नई व्यवस्था के तहत किसानों को कृषि विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा। किसान अपनी जरूरत के अनुसार बीज का चयन कर ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसान के मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन रसीद उपलब्ध कराई जाएगी।

किसान इस रसीद के आधार पर संबंधित राजकीय बीज भंडार से सब्सिडी वाला बीज प्राप्त कर सकेंगे। इससे बीज वितरण की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी और किसानों को समय पर सुविधा मिल सकेगी।

किसान कृषि विभाग की वेबसाइट agriculture.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान किसानों को अपनी पहचान और खेती से संबंधित जरूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

जिले में नौ राजकीय बीज भंडार से होगा वितरण

बांदा जिले में किसानों को बीज उपलब्ध कराने के लिए कुल नौ राजकीय बीज भंडार संचालित हैं। इनमें तिंदवारी, जसपुरा, बबेरू, कमासिन, बिसंडा, महुआ, नरैनी, बड़ोखर और अतर्रा शामिल हैं।

इन केंद्रों के माध्यम से जिले के करीब 2.63 लाख किसानों को सब्सिडी पर बीज उपलब्ध कराया जाता है। नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों को बीज वितरण में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।

अधिक आवेदन आने पर ई-लॉटरी से होगा चयन

कृषि विभाग ने व्यवस्था में यह भी प्रावधान किया है कि यदि किसी क्षेत्र में उपलब्ध बीज की मात्रा से अधिक आवेदन आते हैं तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।

ई-लॉटरी प्रक्रिया जिलाधिकारी की निगरानी में कराई जाएगी। इससे बीज आवंटन में किसी तरह की अनियमितता की संभावना कम होगी और सभी पात्र किसानों को समान अवसर मिलेगा।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

ऑनलाइन आवेदन करते समय किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। इनमें आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र, किसान पंजीकरण संख्या, विशिष्ट किसान आईडी (फार्मर आईडी) और भूमि से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं।

किसानों को अपनी जमीन और खेती की जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इसके बाद आवेदन प्रक्रिया पूरी होगी।

किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

कृषि विभाग का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से बीज वितरण में पारदर्शिता आएगी। अब किसानों को किसी अधिकारी या कर्मचारी के संपर्क पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जो किसान पात्र होंगे, उन्हें नियमों के अनुसार सब्सिडी वाला बीज उपलब्ध कराया जाएगा।

विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर ऑनलाइन आवेदन करें और सरकार की इस योजना का लाभ उठाएं। अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से किसानों का समय बचेगा और बीज वितरण प्रक्रिया पहले से ज्यादा सरल और निष्पक्ष बनेगी।

कृषि क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं के विस्तार की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे छोटे और सामान्य किसानों को भी सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

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