लगातार बारिश से सब्जियों के दाम में उछाल, अदरक-धनिया 250 रुपये किलो तक पहुंचे
उत्तर प्रदेश : विभिन्न जिलों में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश का असर अब आम लोगों की रसोई पर दिखाई देने लगा है। बारिश के कारण मंडियों में सब्जियों की आवक प्रभावित हुई है, जिससे थोक और फुटकर बाजार में कीमतों में तेजी दर्ज की गई है। कई सब्जियों के दाम महज दो दिनों में 10 से 20 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। आलू-प्याज से लेकर टमाटर, लौकी और भिंडी तक महंगी होने से लोगों का घरेलू बजट बिगड़ने लगा है।
शनिवार को बाजार में सब्जियां खरीदने पहुंचे लोगों को बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ा। दो दिन पहले तक जिन सब्जियों के दाम सामान्य थे, उनके लिए अब अधिक रकम चुकानी पड़ रही है। व्यापारियों के मुताबिक लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से मंडियों तक सब्जियां पहुंचाने में परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर खेतों से सब्जियों की कटाई और ढुलाई भी प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर मंडियों में होने वाली आवक पर पड़ा है।
सबसे ज्यादा चर्चा अदरक और धनिया की कीमतों को लेकर हो रही है। बाजार में इनकी कीमत कई फलों से भी अधिक हो गई है। सेब और अनार जहां करीब 160 से 180 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिक रहे हैं, वहीं अदरक और धनिया का भाव 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। ऐसे में रोजाना रसोई में इस्तेमाल होने वाली इन चीजों को खरीदने से पहले लोग कीमत पूछ रहे हैं और जरूरत के अनुसार कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं।
नींबू की कीमतों ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। थोक बाजार में नींबू का भाव करीब 80 रुपये प्रति किलो बताया जा रहा है, लेकिन फुटकर बाजार में यह 15 से 20 रुपये प्रति पीस तक बिक रहा है। रोजमर्रा के खाने और अन्य घरेलू उपयोग में नींबू की मांग बनी रहने के कारण बढ़ी कीमत का सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है।
बारिश का प्रभाव केवल अदरक, धनिया और नींबू तक सीमित नहीं है। आलू, प्याज, टमाटर, लौकी, भिंडी सहित कई अन्य सब्जियों के दाम भी बढ़ गए हैं। सामान्य तौर पर घरों में रोज इस्तेमाल होने वाली सब्जियों की कीमतों में एक साथ बढ़ोतरी होने से रसोई का खर्च बढ़ने लगा है। खासकर उन परिवारों पर इसका ज्यादा असर पड़ रहा है, जो रोज या दो-तीन दिन में बाजार से ताजी सब्जियां खरीदते हैं।
बाजार पहुंचे ग्राहकों का कहना है कि कुछ ही दिनों में सब्जियों की कीमतों में स्पष्ट अंतर दिखाई देने लगा है। पहले जितने पैसे में ज्यादा मात्रा में सब्जियां मिल जाती थीं, अब उसी बजट में कम सामान मिल रहा है। कई लोग महंगी सब्जियों की जगह अपेक्षाकृत सस्ती सब्जियां खरीदने को प्राथमिकता दे रहे हैं। वहीं अदरक, धनिया और नींबू जैसी चीजें कम मात्रा में खरीदकर काम चलाया जा रहा है।
सब्जियों की कीमतों में अचानक आई तेजी की प्रमुख वजह मंडियों में आवक का प्रभावित होना बताया जा रहा है। लगातार बारिश होने पर खेतों से सब्जियां निकालना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों से मंडियों तक माल पहुंचाने में भी परेशानी होती है। ऐसे में बाजार में उपलब्ध माल की मात्रा कम होने पर कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है। फुटकर बाजार तक पहुंचते-पहुंचते यही सब्जियां और महंगी हो जाती हैं।
दो दिनों की बारिश के बाद बाजार में दिखाई दे रही महंगाई ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सब्जियां रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा हैं, इसलिए इनकी खरीदारी को लंबे समय तक टाला भी नहीं जा सकता। खासकर आलू, प्याज और टमाटर जैसी सब्जियों के भाव बढ़ने से लगभग हर घर का बजट प्रभावित होता है।
शनिवार को बाजार की स्थिति यह रही कि लोगों को कई सब्जियों के लिए दो दिन पहले की तुलना में 10 से 20 रुपये प्रति किलो तक अधिक देने पड़े। वहीं अदरक और धनिया जैसी चीजों की कीमत 200 से 250 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने से ग्राहकों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ा। नींबू भी फुटकर बाजार में 15 से 20 रुपये प्रति पीस मिलने से महंगाई का अहसास करा रहा है।
लगातार बारिश के बीच अब सब्जियों की कीमतों पर लोगों की नजर बनी हुई है। मंडियों में आवक सामान्य होने पर कीमतों पर दबाव कम हो सकता है, लेकिन फिलहाल बढ़े हुए भाव ने रसोई का हिसाब जरूर बिगाड़ दिया है। रोजमर्रा की जरूरत वाली कई सब्जियों के एक साथ महंगा होने से परिवारों को अपने घरेलू खर्च में अतिरिक्त रकम जोड़नी पड़ रही है।