Bareilly बरेली: 26 सितंबर को हुई हिंसा के बाद प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। शनिवार को बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने मौलाना तौकीर रजा के करीबी आरिफ की संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी 17 दुकानों को सील कर दिया। कार्रवाई पीलीभीत रोड और जगतपुर इलाके में की गई, जहां पुलिस की भारी फोर्स तैनात रही ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके। बीडीए टीम पीलीभीत रोड स्थित आरिफ की बिल्डिंग फ्लोरा गार्डन के पास पहुंची। इस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर पीटर इंग्लैंड का शोरूम और ऊपर एक जिम चल रहा था। बीडीए अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा निर्माण बिना नक्शा पास कराए किया गया था। मौके पर टीम ने दोनों दुकानों को ताले में बंद करवा दिया। अधिकारियों का कहना है कि बिल्डिंग का नक्शा बीडीए में कभी पास नहीं हुआ। आरिफ को पहले भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
जगतपुर मार्केट में भी कार्रवाई की गई। थाना बरादरी क्षेत्र के जगतपुर मोहल्ले में दो मंजिला मार्केट की सभी दुकानों को सील किया गया। इस मार्केट में कुल 15 दुकानें हैं, जिनकी कीमत लगभग 30 से 35 लाख रुपए प्रति दुकान आंकी गई है। पूरी मार्केट की अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई गई है। दुकानदारों ने कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि उन्हें पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया और अपने सामान को बाहर निकालने का मौका भी नहीं मिला। कुछ व्यापारियों ने बताया कि उनमें से 13 दुकानें पहले ही बिक चुकी थीं, केवल दो ही किराए पर थीं। उन्होंने कहा, “हमने अपनी मेहनत की कमाई से ये दुकानें खरीदी थीं। अब अगर मालिक पर कार्रवाई हो रही है, तो इसमें हमारा क्या दोष?
बीडीए के ओएसडी अजीत सिंह ने बताया कि शनिवार को कुल 17 दुकानों पर सील लगाई गई। उन्होंने कहा कि ये सभी निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के किए गए थे। आगे भी ऐसे अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जारी रहेगी। बरेली में 26 सितंबर की हिंसा के बाद प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। मौलाना तौकीर रजा के करीबी आरिफ पर इससे पहले भी फ्लोरा गार्डन और फहम लॉन की संपत्तियों को सील किया गया था। वहीं, तौकीर रजा के दूसरे करीबी नफीस के बारात घर पर बुलडोजर चल चुका है। हिंसा के बाद प्रशासन अब तक 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्तियों पर कार्रवाई कर चुका है। कई बारात घर, मार्केट और प्लॉट को या तो सील किया गया या तोड़फोड़ की गई। बीडीए और नगर निगम की टीम आगे भी अन्य अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई करने की तैयारी में हैं। वर्तमान में बरेली में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। हिंसा के 16 दिन बाद भी शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। पुलिस और प्रशासन का कहना है कि जो भी अवैध निर्माण पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई होती रहेगी। तौकीर रजा समेत अब तक 104 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।