बांकीपुर उपचुनाव: BJP प्रत्याशी अभिषेक बंटी की जीत के लिए मैदान में उतरेंगे नितिन नवीन
पटना: बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस सीट से अभिषेक बंटी को उम्मीदवार बनाया है। अब पार्टी इस प्रतिष्ठित सीट को अपने कब्जे में बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर रही है। इसी रणनीति के तहत पूर्व विधायक और राज्यसभा सदस्य नितिन नवीन भी चुनाव प्रचार और रणनीति बनाने के लिए पटना पहुंचेंगे।
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। नितिन नवीन ने इस सीट से लगातार कई बार जीत दर्ज कर पार्टी का परचम लहराया था। उनके राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद विधानसभा सीट खाली हुई, जिसके चलते अब यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा।
प्रतिष्ठा की लड़ाई बनी बांकीपुर सीट
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि प्रमुख राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा से भी जुड़ गया है। भाजपा के लिए यह सीट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्षों से यह उसके कब्जे में रही है। ऐसे में पार्टी किसी भी कीमत पर इस सीट को गंवाना नहीं चाहती।
इसी कारण भाजपा संगठन ने चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। स्थानीय नेताओं के साथ-साथ वरिष्ठ नेताओं को भी प्रचार अभियान में सक्रिय किया जा रहा है। नितिन नवीन की सक्रियता को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
अभिषेक बंटी पर भाजपा का भरोसा
भाजपा ने इस बार बांकीपुर से अभिषेक बंटी को अपना उम्मीदवार बनाया है। पार्टी को उम्मीद है कि संगठन की मजबूत पकड़, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और पूर्व विधायक नितिन नवीन के अनुभव का लाभ अभिषेक बंटी को चुनाव में मिलेगा।
सूत्रों के अनुसार नितिन नवीन पटना पहुंचकर चुनावी रणनीति की समीक्षा करेंगे। वे स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क अभियान और प्रचार कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेंगे। साथ ही वे मतदाताओं के बीच जाकर भाजपा सरकार की उपलब्धियों और पार्टी की नीतियों को भी सामने रखेंगे।
विपक्ष ने भी झोंकी पूरी ताकत
बांकीपुर सीट पर मुकाबला इस बार काफी रोचक माना जा रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने यहां से रेखा गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है। राजद इस चुनाव को भाजपा के गढ़ में सेंध लगाने के अवसर के रूप में देख रहा है और पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरा है।
वहीं जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी इस सीट से स्वयं चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उनके मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी चुनाव को और दिलचस्प बना सकती है तथा मतदाताओं के बीच नए राजनीतिक समीकरण भी बन सकते हैं।
नितिन नवीन की भूमिका पर रहेगी नजर
बांकीपुर सीट पर भाजपा की लगातार जीत में नितिन नवीन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने इस क्षेत्र का कई वर्षों तक प्रतिनिधित्व किया और पार्टी संगठन को मजबूत किया। अब जबकि वे राज्यसभा सदस्य हैं, उनकी जिम्मेदारी पार्टी के नए उम्मीदवार को जीत दिलाने की मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नितिन नवीन का स्थानीय मतदाताओं के बीच मजबूत जनसंपर्क और संगठन पर पकड़ भाजपा के लिए चुनाव में लाभदायक साबित हो सकती है। यही कारण है कि पार्टी उन्हें चुनाव अभियान का प्रमुख चेहरा बना रही है।
चुनाव प्रचार होगा तेज
उपचुनाव की तारीख नजदीक आते ही सभी दलों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। भाजपा, राजद और जन सुराज के नेता लगातार जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में वरिष्ठ नेताओं की सभाएं, रोड शो और कार्यकर्ता सम्मेलन भी आयोजित किए जाने की संभावना है।
भाजपा का प्रयास होगा कि वह अपने पारंपरिक वोट बैंक को एकजुट रखे, जबकि विपक्षी दल सत्ता विरोधी मुद्दों और स्थानीय समस्याओं को चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश करेंगे।
30 जुलाई को होगा मतदान
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा। मतदान के बाद मतगणना में यह स्पष्ट होगा कि भाजपा अपनी प्रतिष्ठित सीट बचाने में सफल रहती है या विपक्ष उसे कड़ी चुनौती देकर राजनीतिक समीकरण बदलने में कामयाब होता है।
फिलहाल बांकीपुर उपचुनाव बिहार की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो गया है। भाजपा के अभिषेक बंटी, राजद की रेखा गुप्ता और जन सुराज के प्रशांत किशोर के मैदान में होने से मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों की नजरें अब इस हाई-प्रोफाइल सीट पर टिकी हुई हैं।