बलिया: गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने बलिया जिले में तबाही मचा दी है। सोमवार को सुबह 8 बजे गायघाट गेज पर जलस्तर 59.610 मीटर दर्ज किया गया, जो शाम 5 बजे तक बढ़कर 59.730 मीटर पहुंच गया। नदी में हर घंटे एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हो रही है, जबकि हाई फ्लड लेवल 60.390 मीटर है। अनुमान है कि मंगलवार सुबह तक जलस्तर 59.90 मीटर तक पहुंच सकता है।
बाढ़ की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि टेंगरही से लक्ष्मणपुर तक एनएच-31 के दक्षिण स्थित गांव अब टापू बन चुके हैं। अधिकतर संपर्क मार्ग जलमग्न हो चुके हैं, जिससे आवागमन ठप हो गया है। नावें ही एकमात्र सहारा हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में अभी नावों की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
बारिश और बाढ़ ने मिलकर बढ़ाई लोगों की परेशानी: उफनाई गंगा की लहरें हाई फ्लड लेवल को छूने को बेताब हैं। गंगा और उच्चतम जलस्तर के बीच अब महज एक मीटर से भी कम का फासला रह गया है। इस बीच, लगातार हो रही बारिश ने बाढ़ग्रस्त गांवों की स्थिति और गंभीर कर दी है। नौरंगा गांव की बस्तियों में गंगा की लहरें चक्की पुरव टोला को निगलने को तैयार हैं, जिसके चलते लोग बक्सर-कोइलवर तटबंध और ऊंचे स्थलों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
मुहम्मदपुर में 24 घर नदी में समाए, प्रशासन सक्रिय: गंगा की भयावह लहरों ने मुहम्मदपुर गांव में अब तक 24 कच्चे-पक्के मकानों को अपनी चपेट में ले लिया है। स्थिति का जायजा लेने सोमवार को मुख्य राजस्व अधिकारी त्रिभुवन कुमार एनडीआरएफ टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के निर्देशानुसार हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
प्रशासन अलर्ट मोड पर: बाढ़ के हालात को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सदर और बैरिया तहसील के तटीय गांवों में बाढ़ चौकियां स्थापित की जा चुकी हैं। प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ खुद स्थिति का निरंतर जायजा ले रहे हैं। जिले में लगातार 10 दिन से गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे हजारों की आबादी प्रभावित है।