बलिया: जिले में गंगा और घाघरा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। गंगा का जलस्तर गुरुवार को 59.88 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान (57.615 मीटर) से 2.265 मीटर ऊपर है और हाई फ्लड लेवल (एचएफएल) से महज 50 सेमी नीचे है। वहीं, घाघरा नदी का जलस्तर 64.23 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 64.01 मीटर से 22 सेमी अधिक है।

92 गांव और 5 नगरीय वार्ड प्रभावित

बढ़ते जलस्तर के कारण सदर और बैरिया तहसीलों के कुल 92 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। नगर पालिका परिषद बलिया के 5 वार्डों में भी बाढ़ का पानी घुस चुका है। इसके अलावा, घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्धि से बांसडीह तहसील की 5 ग्राम पंचायतें प्रभावित हो रही हैं।

प्रशासन ने तेज़ की राहत कार्यवाही

अब तक 80259 फूड पैकेट और 5450 राहत किट बांटी जा चुकी हैं।

50 मकान/झोपड़ियां गंगा के कटाव से क्षतिग्रस्त हुई हैं।

प्रभावित क्षेत्रों में 375 नावें, एसडीआरएफ की एक टीम, फ्लड पीएचसी की एक टीम और एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम डिप्टी कमांडेंट के नेतृत्व में राहत कार्य में जुटी है।

एनडीआरएफ के पास 4 नावें भी तैनात हैं।

चिकित्सा और पशु सेवा में भी सक्रियता

अब तक 7035 लोगों का उपचार,

9612 मेडिकल किट, 14217 ओआरएस पैकेट,

56195 क्लोरीन टेबलेट का वितरण।

7628 पशुओं की जांच और टीकाकरण भी पूरा।

पशुओं के लिए 212 कुंटल भूसा बांटा गया है।

बिजली, पानी और बच्चों के लिए विशेष इंतज़ाम

विद्युत आपूर्ति बाधित क्षेत्रों में जेनरेटर के माध्यम से प्रकाश व्यवस्था की गई है।

बाढ़ प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल और बच्चों के लिए दूध की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

24x7 आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय

जिले का आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे संचालित है, जहां अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यहां बाढ़ से जुड़ी सूचनाएं, शिकायतें और सुझावों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

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