आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के सैकड़ों गांवों में परिवहन सुविधा की कमी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। जिले के 600 से अधिक गांवों में नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं होने से छात्र-छात्राओं, नौकरीपेशा लोगों और आम यात्रियों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का कहना है कि गांवों से शहर तक पहुंचने के लिए उन्हें निजी वाहनों, ऑटो और अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। कई इलाकों में सीमित साधन होने के कारण लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी होती है। सबसे ज्यादा
परेशानी स्कूल
और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को हो रही है। बस सुविधा नहीं होने के कारण कई विद्यार्थियों को सुबह जल्दी घर से निकलना पड़ता है और उन्हें महंगे किराए वाले निजी साधनों का सहारा लेना पड़ता है। नौकरी करने वाले लोगों को भी रोजाना आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से गांवों में नियमित बस सेवा शुरू करने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का कहना है कि बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकती है।
कई गांवों से शहरों की दूरी अधिक होने के कारण लोगों को छोटे वाहनों से मुख्य मार्ग तक पहुंचना पड़ता है। इसके बाद उन्हें आगे की यात्रा के लिए दूसरे साधनों का इंतजार करना पड़ता है। इससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त लागत बढ़ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि ऐसे गांवों को चिन्हित कर नियमित बस सेवाएं शुरू की जाएं। उनका कहना है कि गांवों को शहरों से जोड़ने के लिए बेहतर यातायात व्यवस्था
जरूरी है।
परिवहन सुविधा की कमी का असर केवल यात्रियों पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय विकास पर भी पड़ता है। गांवों में रहने वाले लोगों को रोजगार, शिक्षा और अन्य जरूरी कामों के लिए शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे में नियमित बस सेवा शुरू होने से हजारों लोगों को राहत मिल सकती है। फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की ओर है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
Tags: