बलिया: भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष और बजाज शोरूम के मालिक अशोक सिंह की राजस्थान में हत्या कर दी गई। उनके साथ गए कर्मचारी विकास कुमार का शव भी अलग कुएं से बरामद हुआ। पुलिस जांच में सामने आया है कि ऑनलाइन ठगों ने सस्ते जनरेटर का लालच देकर दोनों को जयपुर बुलाया था। रुपए लूटने के बाद उनकी हत्या कर शव अलग-अलग कुओं में फेंक दिए गए।
मामला 19 सितंबर से शुरू हुआ, जब अशोक सिंह बलिया के अघैला गांव से अपने मिस्त्री विकास के साथ जयपुर रवाना हुए थे। उन्हें 9 लाख रुपये का जनरेटर महज 3.5 लाख में देने का झांसा दिया गया था। इसके बाद दोनों के मोबाइल बंद हो गए। चिंतित होकर उनके छोटे भाई, आईआरएस अधिकारी निर्भय नारायण सिंह ने 21 सितंबर को रेल भवन दिल्ली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की, जो राजस्थान के शाहजहांपुर इलाके में लगातार सक्रिय मिली। मंगलवार शाम पुलिस को सांसेडी और जौनाचया खुर्द के बीच एक कुएं से दुर्गंध आने की सूचना मिली। तलाशी में अशोक सिंह का शव बरामद हुआ। आसपास की खोजबीन में एक और कुएं से उनके कर्मचारी विकास कुमार का शव भी मिला। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए शाहजहांपुर सीएचसी भेजा गया।
अशोक सिंह बलिया में दशरथ बजाज एजेंसी के संचालक थे, जबकि परिवार प्रयागराज में रहता है। उनके परिवार में पत्नी सीमा, एक बेटा और एक बेटी हैं। छोटे भाई निर्भय सिंह ने बताया कि अशोक को जनरेटर की जरूरत थी और ऑनलाइन रिसर्च के बाद वह ठगों के जाल में फंस गए।
परिजनों और ग्रामीणों ने अशोक सिंह की मिलनसार और मददगार स्वभाव को याद करते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। अशोक का अंतिम संस्कार लखनऊ के बैकुंठ धाम में होगा, जबकि विकास का अंतिम संस्कार बलिया में किया जाएगा।
फिलहाल पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर साइबर सेल की मदद से ठग गिरोह की तलाश शुरू कर दी है।