LPG ई-केवाईसी पूरी नहीं की तो रुक सकती है गैस बुकिंग 4.30 लाख उपभोक्ता चिंता में
कानपुर। जिले में घरेलू एलपीजी गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी की अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ ही प्रशासन और तेल कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। अभी भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं कराई है। ऐसे में समय पर सत्यापन नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को आगे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार, जिले में कुल 11.80 लाख घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 7.50 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि लगभग 4.30 लाख उपभोक्ता अब भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। प्रशासन और तेल कंपनियां लगातार ऐसे उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराने की अपील कर रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, यदि 16 अगस्त तक ई-केवाईसी की औपचारिकता पूरी नहीं की गई तो संबंधित उपभोक्ताओं की घरेलू गैस सिलिंडर बुकिंग पर रोक लग सकती है। इसके अलावा जांच के दौरान फर्जी, निष्क्रिय या मृत उपभोक्ताओं के नाम पर चल रहे गैस कनेक्शनों को भी निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
तेल कंपनियों का कहना है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य वास्तविक उपभोक्ताओं की पहचान सुनिश्चित करना है। इसके जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि कौन से गैस कनेक्शन सक्रिय हैं और कौन से लंबे समय से उपयोग में नहीं हैं।
आधार आधारित सत्यापन के माध्यम से उपभोक्ताओं की जानकारी को अपडेट किया जा रहा है। इससे फर्जी कनेक्शन, गलत नामों पर चल रहे सिलिंडर और लंबे समय से बंद पड़े खातों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
जिले में तेल कंपनियों की ओर से गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी के लिए जागरूक करें। गैस एजेंसी संचालकों द्वारा फोन, मैसेज और अन्य माध्यमों से उपभोक्ताओं को सत्यापन कराने की जानकारी दी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि ई-केवाईसी कराना एक आसान प्रक्रिया है। उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर या उपलब्ध ऑनलाइन माध्यमों से इसे पूरा कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड और अन्य आवश्यक जानकारी की जरूरत होती है।
कई उपभोक्ता अभी भी जानकारी के अभाव या लापरवाही के कारण ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं। प्रशासन ने ऐसे लोगों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपना सत्यापन पूरा करा लें।
गैस एजेंसियों का कहना है कि अंतिम दिनों में ई-केवाईसी कराने वालों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे एजेंसियों पर भी दबाव बढ़ेगा। इसलिए उपभोक्ताओं को समय रहते प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, ई-केवाईसी अभियान का उद्देश्य किसी वास्तविक उपभोक्ता को परेशान करना नहीं, बल्कि गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है। इससे सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
यदि किसी उपभोक्ता का कनेक्शन फर्जी या निष्क्रिय पाया जाता है तो उसे हटाने से गैस वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी हो सकेगी। वहीं, सक्रिय उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस सुविधा मिलती रहेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा के बाद भी जो उपभोक्ता ई-केवाईसी नहीं कराएंगे, उनके कनेक्शन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
तेल कंपनियों और जिला प्रशासन ने एक बार फिर उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे 16 अगस्त से पहले अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि गैस सिलिंडर बुकिंग में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।