Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने दिवाली के पर्व पर एक सकारात्मक संदेश देते हुए कहा कि दिवाली के समय दीये केवल जलते नहीं बल्कि रोशन होते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग दीये जलाते हैं, उनका उद्देश्य केवल रोशनी फैलाना नहीं होता, बल्कि वे नफरत और अंधेरों को मिटाने की प्रेरणा भी देते हैं। आजम खान ने अपने बयान में कहा, “जो लोग दीये रोशन करते हैं, उनका मकसद उजाला देना और ठंडक देना होता है। उनका मकसद नफरतों के अंधेरों को मिटाना होता है। मैं उन लोगों की सराहना करता हूं और उनसे मोहब्बत करता हूं।” उनके इस बयान से दिवाली के पर्व को सामाजिक सौहार्द और भाईचारे के दृष्टिकोण से देखने का संदेश सामने आया।
रामपुर में इस अवसर पर शहर के विभिन्न हिस्सों में दिवाली की तैयारियां और सजावट दिखाई दी। लोग अपने घरों, गलियों और मोहल्लों को रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और दीयों से सजाकर उत्सव की खुशियाँ मना रहे थे। आजम खान का संदेश लोगों के बीच प्यार, एकता और सौहार्द बढ़ाने का उदाहरण बना। उन्होंने यह भी कहा कि दिवाली केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज में शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने का अवसर भी है। उनका मानना है कि दीयों की रोशनी अंधकार को दूर करती है और सकारात्मक ऊर्जा फैलाती है। इस सन्देश ने नागरिकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना जगाई।
इस अवसर पर रामपुर के लोग सुरक्षित और पारंपरिक तरीके से दिवाली का आनंद ले रहे थे। बाजारों में सजावट और खरीदारी का माहौल था। लोग अपने घरों और सार्वजनिक स्थलों में दीयों और रंगीन रोशनी के माध्यम से त्योहार को यादगार बना रहे थे। आजम खान के इस संदेश ने विशेष रूप से युवाओं और छात्रों के बीच दिवाली के महत्व को सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समझने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि दीपों का उद्देश्य केवल रोशनी फैलाना नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारा और मानवता का संदेश देना भी है।
इस तरह, रामपुर में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने दिवाली के पर्व को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक बताते हुए नागरिकों के बीच प्रेम और सकारात्मक संदेश फैलाया। उनका यह संदेश शहरवासियों के लिए प्रेरणादायक और यादगार साबित हुआ। दिवाली का यह पर्व रामपुर में शांति, प्यार और प्रकाश का संदेश लेकर आया। आजम खान के विचारों ने लोगों को यह याद दिलाया कि दीप जलाने का असली उद्देश्य समाज में उजाला और प्रेम फैलाना है। उनके इस संदेश के साथ शहरवासियों ने दिवाली का पर्व हर्षोल्लास और सौहार्द के साथ मनाया।