रायबरेली में कत्ल के बाद आरोपी ने खोले चौंकाने वाले राज
आरोपी बोला कहने पर की हत्या बयान
रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हत्या के एक मामले के बाद आरोपी के कथित बयान ने सनसनी फैला दी है। आरोपी ने पुलिस को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “पुलिस ने कहा मार दो, तो हमने मार दिया।” हत्या के बाद दिए गए इस बयान को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि आरोपी के इस दावे की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इसे पुलिस की भूमिका का प्रमाण मानने के बजाय आरोपी के आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
रायबरेली में हुए विवाद के बाद एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। वारदात के बाद मामले में आरोपी को पकड़े जाने पर उसने कथित तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस पर ही गंभीर आरोप लगा दिए। उसका बयान सामने आने के बाद मामला हत्या की वारदात से आगे बढ़कर पुलिस की कथित भूमिका के सवाल तक पहुंच गया।
आरोपी का दावा है कि विवाद को लेकर पहले भी शिकायत की गई थी। इसी संदर्भ में उसने पुलिस की तरफ से कथित तौर पर “मार दो” कहे जाने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने हत्या को लेकर यह चौंकाने वाला बयान दिया। हालांकि उसने यह बात किन परिस्थितियों में कही, किस पुलिसकर्मी पर आरोप लगाया और कथित बातचीत कब हुई, इन सभी बिंदुओं की जांच जरूरी है।
हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपी का बयान अपने आप में किसी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता साबित नहीं करता। यदि उसने किसी पुलिसकर्मी पर उकसाने का आरोप लगाया है तो कॉल रिकॉर्ड, शिकायत से संबंधित दस्तावेज, थाने के रिकॉर्ड, गवाह और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद पुलिस हत्या के कारण और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मृतक और आरोपी पक्ष के बीच पहले से किसी तरह का विवाद था या घटना से ठीक पहले कोई झगड़ा हुआ था, इसकी भी पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। पुलिस अधिकारियों की ओर से आरोपी के दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
इस मामले में सोशल मीडिया पर वायरल किसी वीडियो या बयान को भी पूरे संदर्भ के बिना अंतिम तथ्य मानना उचित नहीं होगा। वीडियो की तारीख, स्थान और उसमें बोल रहे व्यक्ति की पहचान की पुष्टि जरूरी है। यदि वीडियो पुलिस हिरासत के दौरान बनाया गया है तो उसके पूरे घटनाक्रम को समझना भी आवश्यक होगा। फिलहाल रायबरेली में हुई हत्या और उसके बाद आरोपी के कथित बयान ने मामले को गंभीर बना दिया है। हत्या के आरोप की जांच के साथ पुलिस पर लगाए गए आरोप की भी निष्पक्ष जांच होने के बाद ही यह साफ होगा कि आरोपी के दावे में कितनी सच्चाई है।