Ayodhya अयोध्या: जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ड्रोन से सरयू जल का छिड़काव करने की तैयारी की जा रही है। वैसे भी सरयू की पौराणिक मान्यता है। रामनवमी पर अयोध्या आने वाले श्रद्धालु सरयू में आस्था की डुबकी भी लगाते हैं। ऐसे में इस बार यह विशेष पहल करने की योजना तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मोत्सव के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की ओर से पांच व छह अप्रैल को रामकथा पार्क में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम व भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। सोहर व भजन के साथ ही श्रीराम को समर्पित गीत रामनगरी में गूंजेंगे।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं को कई प्रकार की सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। राममंदिर में सुगमतापूर्वक दर्शन के लिए सभी इंतजाम किए जाएंगे। सरयू नदी में स्नान करते समय किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके इंतजाम किए जा रहे हैं। रामजन्मभूमि पथ पर शेड की व्यवस्था की जा रही है। हनुमानगढ़ी जाने वाले मार्ग पर पेयजल की व्यवस्था के साथ ही पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं के लिए चटाई बिछाई जाएगी, ताकि चलते समय उनके पैर न जलें। धूप से बचाव के लिए यहां शामियाना और टेंट भी लगाए जा रहे हैं। डीएम ने बताया कि रामनवमी पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राममंदिर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सूर्य तिलक मुख्य आकर्षण होगा। रामलला के दर्शन अवधि के संबंध में अंतिम निर्णय ट्रस्ट करेगा। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर दर्शन की अवधि बढ़ाई जाएगी। ऐसा पहले भी किया जा चुका है।
रामनवमी पर छह अप्रैल को अयोध्या में शाम पांच बजे से साढ़े सात बजे तक ढाई लाख से अधिक दीप जलाए जाएंगे। ये दीप राम कथा पार्क के सामने पक्का घाट, चौधरी चरण सिंह घाट और राम की पैड़ी को रोशन करेंगे। यह दीपोत्सव न सिर्फ आध्यात्म का प्रतीक होगा, बल्कि पर्यटकों के लिए अनूठा नजारा भी प्रस्तुत करेगा। डीएम चंद्र विजय सिंह ने बताया कि नवरात्रि की अष्टमी के अवसर पर पांच अप्रैल को सुबह सात बजे राम मंदिर से कनक भवन होते हुए रानी हो पार्क तक हेरिटेज वॉक निकाली जाएगी, जो राम कथा पार्क में समाप्त होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस बार श्रीराम की नगरी अयोध्या में रामनवमी का पर्व ऐतिहासिक और भव्य तरीके से मनाया जाएगा। रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में सरस मेला और फर्नीचर मेला भी आयोजित किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। राम कथा पार्क में आयोजित होने वाले सरस मेले में देश भर के हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। फर्नीचर मेले में स्थानीय कारीगरों की कला का प्रदर्शन होगा।