नई दिल्ली। रेलवे सुरक्षा से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां रात के समय रेलवे सिग्नल की हरी बत्ती को ढंकने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की इस हरकत से ट्रेनों के संचालन में खतरा पैदा हो सकता था। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामले की जांच करते हुए तीनों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनके मकसद का खुलासा होने के बाद अधिकारी भी हैरान रह गए।
रेलवे सिग्नल किसी भी ट्रेन के संचालन का सबसे अहम हिस्सा होता है। लोको पायलट को ट्रेन की गति और आगे की स्थिति की जानकारी सिग्नल के जरिए ही मिलती है। ऐसे में सिग्नल के साथ छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध माना जाता है।
सिग्नल की हरी बत्ती पर लगाया कपड़ा
जानकारी के मुताबिक, घटना रात के समय हुई जब रेलवे ट्रैक पर लगे सिग्नल की हरी लाइट को कुछ लोगों ने ढंक दिया था। सिग्नल में बदलाव या छेड़छाड़ की सूचना मिलने के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
आरपीएफ की टीम ने तुरंत मामले की जांच शुरू की। आसपास लगे कैमरों और स्थानीय जानकारी के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।
जांच के दौरान तीन लोगों की भूमिका सामने आई, जिसके बाद आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
ट्रेन हादसे का बढ़ सकता था खतरा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सिग्नल की हरी बत्ती ट्रेन चालक के लिए आगे रास्ता साफ होने का संकेत होती है। अगर किसी कारण से सिग्नल की रोशनी दिखाई नहीं देती या उसमें बदलाव हो जाता है तो ट्रेन संचालन प्रभावित हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे सिग्नल के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। ऐसी हरकत से ट्रेन रुक सकती है, देरी हो सकती है या गंभीर दुर्घटना की स्थिति पैदा हो सकती है।
आरोपी क्यों कर रहे थे ऐसी हरकत?
पूछताछ में आरोपियों ने जो वजह बताई, उसने आरपीएफ अधिकारियों को भी चौंका दिया। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपियों का उद्देश्य रेलवे व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि अपनी किसी निजी गतिविधि को छिपाना था।
हालांकि, उनका मकसद जो भी रहा हो, रेलवे सुरक्षा से खिलवाड़ करने को कानून की नजर में गंभीर अपराध माना जाता है।
आरपीएफ ने शुरू की गहन जांच
गिरफ्तारी के बाद आरपीएफ ने आरोपियों से विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या वे पहले भी इस तरह की किसी घटना में शामिल रहे हैं या नहीं।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि इस घटना के पीछे कोई और व्यक्ति या समूह तो शामिल नहीं है।
रेलवे संपत्ति से छेड़छाड़ पर सख्त कार्रवाई
रेलवे एक्ट के तहत रेलवे संपत्ति और संचालन व्यवस्था से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
रेलवे प्रशासन समय-समय पर यात्रियों और आम लोगों से अपील करता है कि रेलवे ट्रैक, सिग्नल, उपकरण और अन्य सुरक्षा प्रणालियों से किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करें।
सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ी निगरानी
इस घटना के बाद रेलवे ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है। रेलवे ट्रैक और सिग्नल सिस्टम की सुरक्षा के लिए आरपीएफ और स्थानीय पुलिस लगातार गश्त करती है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लोगों से की गई अपील
रेलवे ने आम लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें रेलवे लाइन, सिग्नल या अन्य उपकरणों के आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना रेलवे या पुलिस को दें।
समय रहते सूचना मिलने से बड़ी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
रेलवे सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती
रेलवे देश की सबसे बड़ी परिवहन व्यवस्थाओं में से एक है। रोजाना लाखों यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं। ऐसे में सिग्नल सिस्टम की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण होती है।
छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए रेलवे सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासन हमेशा सख्त कार्रवाई करता है।
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