लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को राजधानी लखनऊ के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उनका राजधानी में करीब तीन घंटे 15 मिनट का प्रवास प्रस्तावित है। इस दौरान वह भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे और पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संबोधित करेंगे। भाजपा के प्रमुख चुनावी रणनीतिकार माने जाने वाले अमित शाह का यह दौरा मिशन 2027 के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में प्रदेशभर से करीब 2850 प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
जानकारी के अनुसार, अमित शाह शुक्रवार सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके बाद वह आशियाना स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जाएंगे, जहां भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई है। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद वह दोपहर करीब 2 बजकर 15 मिनट पर दिल्ली के लिए रवाना होंगे। उनके संक्षिप्त दौरे को देखते हुए पार्टी संगठन ने कार्यक्रम की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं।
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय परिसर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रेक्षागृह में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वह पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठनात्मक तैयारियों तथा आगामी विधानसभा चुनाव से जुड़े मुद्दों पर मार्गदर्शन देंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव से पहले पार्टी संगठन की स्थिति की समीक्षा करना और आगे की गतिविधियों की रूपरेखा तैयार करना है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में इस आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए प्रदेश मुख्यालय प्रभारी गोविंद नारायण शुक्ला, प्रदेश महामंत्री गीता शाक्य, क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी और लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित कई पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि कार्यसमिति की बैठक के माध्यम से प्रदेशभर के पदाधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सके।
कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश प्रभारी, सह प्रभारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, सांसद, विधायक, विधान परिषद सदस्य, पूर्व प्रत्याशी, क्षेत्रीय अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, जिला महामंत्री और विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, सोशल मीडिया विभाग के पदाधिकारी और विधानसभा स्तर पर संगठन की जिम्मेदारी संभालने वाले कार्यकर्ताओं को भी आमंत्रित किया गया है।
भाजपा की ओर से इतनी बड़ी संख्या में पदाधिकारियों को आमंत्रित किए जाने को आगामी चुनाव की संगठनात्मक तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी के सामने विधानसभा चुनाव से पहले अपने संगठन को सक्रिय रखना, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाना और प्रदेशभर में चुनावी गतिविधियों को व्यवस्थित करना महत्वपूर्ण विषय होंगे।
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ प्रदेश सरकार और संगठन के कई वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यसमिति के समापन सत्र को संबोधित करेंगे। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित प्रदेश के अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी बैठक में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
पार्टी के लिए यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने सहयोगियों के साथ सरकार बनाई थी। अब पार्टी अगले चुनाव से पहले संगठनात्मक तैयारियों का आकलन कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश कार्यसमिति को एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।
अमित शाह लंबे समय से भाजपा की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी संगठनात्मक भूमिका विशेष चर्चा में रही थी। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, शाह का चुनावी प्रबंधन बूथ स्तर के संगठन, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और स्थानीय चुनावी परिस्थितियों के अध्ययन पर केंद्रित रहा है।
इस बार भी कार्यसमिति की बैठक में संगठन की जमीनी स्थिति और चुनावी तैयारियों से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। पार्टी के भीतर सरकार और संगठन के बीच समन्वय, जिला एवं विधानसभा स्तर की सक्रियता तथा कार्यकर्ताओं की भूमिका जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, बैठक में लिए जाने वाले वास्तविक निर्णय कार्यक्रम संपन्न होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न दलों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल भी अपनी संगठनात्मक तैयारियों में जुटे हैं। ऐसे में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को चुनाव से पहले होने वाली महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों में गिना जा रहा है।
प्रदेश कार्यसमिति के दूसरे दिन भी संगठनात्मक बैठकों का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी पार्टी के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान विभिन्न संगठनात्मक विषयों और आगामी कार्यक्रमों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
भाजपा नेतृत्व की ओर से कार्यकर्ताओं को चुनाव की तैयारियों के लिए जिम्मेदारियां सौंपे जाने की भी संभावना जताई जा रही है। पार्टी संगठन के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि राज्य स्तर पर बनाई जाने वाली योजनाओं को जिला, मंडल और बूथ स्तर तक किस तरह पहुंचाया जाए। इसके लिए पदाधिकारियों के बीच समन्वय और नियमित संवाद की आवश्यकता पर चर्चा हो सकती है।
फिलहाल अमित शाह के लखनऊ दौरे को लेकर भाजपा संगठन में तैयारियां तेज हैं। 30 अक्टूबर को होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों की मौजूदगी प्रस्तावित है। अब राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर रहेगी कि अमित शाह अपने संबोधन में किन विषयों को प्राथमिकता देते हैं और भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक स्तर पर क्या निर्णय करती है।