गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो जिंदगियां छीन लीं। जंगीपुर थाना क्षेत्र में गाजीपुर-बलिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में बलिया निवासी मां-बेटे की मौत हो गई, जबकि वाहन चालक समेत तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने मां और बेटे को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, हादसा बुधवार 28 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर जंगीपुर थाना क्षेत्र के शेखपुर और बिरनो टोल प्लाजा के आसपास हुआ। स्कॉर्पियो में चालक समेत पांच लोग सवार थे। सभी लोग बलिया से वाराणसी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क के डिवाइडर को तोड़ते हुए नीचे खाई में जा गिरा। अलग-अलग रिपोर्टों में खाई की गहराई करीब 30 से 40 फीट बताई गई है। वाहन के नीचे गिरते ही उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र के नरही गांव निवासी 55 वर्षीय क्षमा उपाध्याय और उनके 28 वर्षीय बेटे अनमोल उपाध्याय के रूप में हुई है। क्षमा उपाध्याय जयराम उपाध्याय की पत्नी थीं। मां और बेटे की एक साथ मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों को जैसे ही दुर्घटना की जानकारी मिली, वे गाजीपुर के लिए रवाना हुए। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
दुर्घटना में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों की पहचान वाराणसी के शिवपुर निवासी 40 वर्षीय रत्नेश मिश्रा, बलिया जिले के सुखपुरा थाना क्षेत्र के भरखरा निवासी 42 वर्षीय मनोज चौबे और मिर्जापुर जिले के चुनार निवासी स्कॉर्पियो चालक रमेश वर्मा के रूप में हुई है। तीनों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए वाराणसी रेफर किया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो में सवार लोग एक पारिवारिक कारण से वाराणसी जा रहे थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, क्षमा उपाध्याय की तबीयत खराब चल रही थी और उन्हें इलाज के लिए वाराणसी ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में यह दर्दनाक दुर्घटना हो गई। जिस परिवार ने बेहतर उपचार की उम्मीद के साथ यात्रा शुरू की थी, उसे रास्ते में ही एक बड़ी त्रासदी का सामना करना पड़ा।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। जंगीपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कराया। स्थानीय लोगों की सहायता से वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। सभी घायलों को गाजीपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने क्षमा उपाध्याय और अनमोल उपाध्याय को मृत घोषित कर दिया। तीन अन्य घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें वाराणसी रेफर करने का निर्णय लिया।
दुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में कथित देरी का मामला भी सामने आया है। स्थानीय निवासी कमलेश यादव ने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर पहुंची दो एंबुलेंस तकनीकी खराबी के कारण घायलों को अस्पताल नहीं ले जा सकीं। इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा गया। हालांकि, एंबुलेंस में खराबी और उससे हुई देरी के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह मामला आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और दुर्घटना के बाद तत्काल सहायता की आवश्यकता को लेकर भी सवाल खड़े करता है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद अपर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर भी जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों की स्थिति और दुर्घटना से जुड़ी जानकारी ली। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दी और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद घटनास्थल पर कानून-व्यवस्था की कोई समस्या उत्पन्न नहीं हुई।
जंगीपुर थाना प्रभारी ओम प्रकाश के मुताबिक, प्रारंभिक जानकारी में तेज रफ्तार को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है। आशंका है कि वाहन की गति अधिक होने के कारण चालक नियंत्रण खो बैठा, जिससे स्कॉर्पियो डिवाइडर तोड़कर नीचे जा गिरी। हालांकि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और वाहन अचानक अनियंत्रित क्यों हुआ, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
गौरतलब है कि गाजीपुर-बलिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर यह दुर्घटना उसके औपचारिक उद्घाटन से पहले हुई है। हादसे ने इस मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेष रूप से रात के समय वाहन चलाते हुए गति पर नियंत्रण रखना, सड़क की स्थिति को ध्यान में रखना और सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। तेज रफ्तार में वाहन के अनियंत्रित होने पर गंभीर दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
वहीं, मृतक अनमोल उपाध्याय के बारे में बताया गया है कि वह अविवाहित थे और एक निजी सोलर कंपनी में कार्यरत थे। मां और जवान बेटे की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम सहित अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है। हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
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