जमीन के नीचे मिले 3 नीले ड्रम, करोड़ों रुपए कैश मिलने से मचा हड़कंप
गांव की बिजली काटकर पुलिस ने की छापेमारी.
प्रयागराज: प्रयागराज के नवाबगंज इलाके में एक घर से करोड़ों रुपए कैश मिलने का मामला सामने आया है। बरईपुर रामनगर गांव में पुलिस को जमीन के नीचे दबाए गए तीन नीले ड्रम मिले। इन ड्रमों में 500-500 रुपए के नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कैश की रकम 5 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है।
मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं, आयकर विभाग की टीम गुरुवार को बरामद नोटों की गिनती करेगी। फिलहाल पुलिस ने घर को सील कर दिया है और आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। यह गांव प्रयागराज के जिला मुख्यालय से करीब 32 किलोमीटर दूर है। पुलिस को सूचना मिली थी कि राकेश यादव उर्फ महाकाल के घर में चोरी के रुपए छिपाकर रखे गए हैं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
गांव की बिजली काटकर पुलिस ने की छापेमारी
मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम करीब 6 बजे पुलिस की टीम बरईपुर रामनगर गांव पहुंची। इस कार्रवाई में डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार और एडीसीपी गंगानगर पुष्कर वर्मा समेत कई अधिकारी शामिल थे। छापेमारी से पहले गांव की बिजली काट दी गई। इसके बाद पुलिस ने घर की तलाशी शुरू की। करीब साढ़े चार घंटे तक चले सर्च अभियान के दौरान जमीन में दबाए गए तीन नीले ड्रम बरामद हुए। इनमें कपड़े से ढककर नोटों की गड्डियां रखी गई थीं।
पुलिस ने कैश को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया। रात करीब साढ़े दस बजे तलाशी अभियान रोक दिया गया। इसके बाद घर के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई। घर के साथ बाग और खाली जमीन की घेराबंदी भी की गई है।
राकेश के परिवार और कारोबार को लेकर चर्चा
गांव के लोगों के मुताबिक, राकेश यादव पहले पुणे में अपने बहनोई और साले के साथ रहता था। बताया जाता है कि वहां वह एक सर्राफा व्यापारी के घर काम करता था। कोविड के दौरान वह गांव लौट आया था।
ग्रामीणों का दावा है कि इसके बाद राकेश ने करीब 22 बीघा जमीन खरीदी, जिसकी कीमत 10 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है। इसके अलावा उसने लगभग एक करोड़ रुपए की लागत से मकान बनवाया। गांव में उसके पास दो ट्रैक्टर, डीजे और पिकअप होने की बात भी सामने आई है। बाद में उसने सीमेंट और सरिया का कारोबार शुरू किया। हालांकि, जमीन और दूसरी संपत्तियों से जुड़ी ये जानकारियां ग्रामीणों के दावों पर आधारित हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
पड़ोसियों से विवाद के बाद पुलिस तक पहुंचा मामला
जानकारी के अनुसार, करीब पांच से छह दिन पहले राकेश का पड़ोस में रहने वाले कुछ लोगों से विवाद हुआ था। इस मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात कही गई है।
बताया जा रहा है कि जांच के सिलसिले में थाने के एक दरोगा भी पहुंचे थे। इस दौरान राकेश के साथ उनकी कहासुनी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की और घर में कैश छिपाकर रखे जाने की सूचना के आधार पर छापेमारी की। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। कैश कहां से आया और इसे जमीन के नीचे क्यों छिपाया गया था, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
आयकर विभाग करेगा कैश की गिनती
डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार के मुताबिक, रात अधिक होने के कारण बुधवार को तलाशी अभियान रोकना पड़ा था। घर के आसपास पुलिस तैनात है और मामले की जानकारी आयकर विभाग समेत संबंधित एजेंसियों को दे दी गई है।
अब आयकर विभाग बरामद नोटों की गिनती करेगा। इसके बाद ही कुल रकम का सही आंकड़ा सामने आ सकेगा। पुलिस दोनों भाइयों से पूछताछ कर रही है, ताकि कैश के स्रोत और उससे जुड़े दूसरे पहलुओं की जानकारी मिल सके। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों की पड़ताल के बाद ही पता चलेगा कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसे घर में जमीन के नीचे छिपाकर रखने की वजह क्या थी।