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जिगरी दोस्त निकला कातिल, नाले में फेंकी लाश

Rajeshwari Nishad
29 Oct 2026 6:31 PM IST
जिगरी दोस्त निकला कातिल, नाले में फेंकी लाश
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के द्वारका जिले में दोस्ती के रिश्ते को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। छावला थाना क्षेत्र के बादुसराय गांव के पास नजफगढ़ नाले में बुधवार शाम मिले 32 वर्षीय युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। मृतक की पहचान बादुसराय निवासी विक्रम के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में विक्रम के दोस्त सागर और उसके साथी प्रवीण उर्फ भोलू को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शराब पीने के दौरान हुए विवाद के बाद सागर ने कथित तौर पर विक्रम के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार कर दिया था। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए नजफगढ़ नाले में फेंक दिया गया। मामले में पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार 28 अक्टूबर की शाम नजफगढ़ नाले के पास से गुजर रहे एक वाहन चालक की नजर पानी में पड़े शव पर पड़ी। चालक अपने काम से घर लौट रहा था। उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही छावला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। नाले से शव को बाहर निकालने के बाद पुलिस को कई संदिग्ध परिस्थितियां नजर आईं। युवक के सिर पर चोट के निशान थे और शव के साथ ईंटें भी बंधी हुई थीं।
पुलिस के मुताबिक, मृतक के सिर के पिछले दाहिने हिस्से में गंभीर चोट का निशान मिला। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई कि उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से हमला किया गया था। इसके अलावा शव के साथ ईंटें बांधने का उद्देश्य संभवतः उसे पानी में डुबाए रखना था, ताकि शव आसानी से सतह पर न आ सके और वारदात का खुलासा होने में देरी हो।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम को घटनास्थल पर बुलाया। विशेषज्ञों ने मौके से साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम संबंधी कार्रवाई के लिए अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया गया। पुलिस ने शुरुआत से ही हत्या की आशंका को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू की।
छानबीन के दौरान मृतक की पहचान 32 वर्षीय विक्रम के रूप में हुई। वह बादुसराय गांव का रहने वाला था और 25 अक्टूबर से लापता था। विक्रम के अचानक गायब होने के बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। परिवार ने 27 अक्टूबर को छावला थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। हालांकि, अगले ही दिन नाले से उसका शव बरामद होने पर मामला हत्या की जांच में बदल गया।
पुलिस उपायुक्त कुशल पाल सिंह के मुताबिक, मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई थी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विकास मीणा और एसीपी छावला जसवंत सिंह की निगरानी में थाना प्रभारी दलीप कुमार के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ाई गई। टीम ने मृतक की गतिविधियों और उसके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की। इस दौरान मैनुअल और तकनीकी जांच से महत्वपूर्ण सुराग मिले।
जांच में पता चला कि विक्रम को आखिरी बार बादुसराय गांव के ही रहने वाले सागर और प्रवीण उर्फ भोलू के साथ देखा गया था। सागर की उम्र 26 वर्ष और प्रवीण की उम्र 30 वर्ष बताई गई है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू की। जांच टीम ने 29 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान हत्या से जुड़े घटनाक्रम का खुलासा हुआ।
पुलिस जांच के अनुसार, विक्रम और सागर एक-दूसरे को पहले से जानते थे। दोनों के बीच पुराना विवाद भी चल रहा था। वारदात की रात शराब पीने के दौरान इसी विवाद को लेकर दोनों में फिर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि सागर ने कथित तौर पर विक्रम के सिर पर ईंट से वार कर दिया। हमले में विक्रम की मौत हो गई।
पुलिस का आरोप है कि हत्या के बाद शव को छिपाने की योजना बनाई गई। शव के साथ ईंटें बांधी गईं और उसे नजफगढ़ नाले में फेंक दिया गया। आशंका है कि आरोपियों ने ऐसा इसलिए किया, ताकि शव पानी में डूबा रहे और घटना की जानकारी जल्दी सामने न आ सके। हालांकि, शव बरामद होने और पुलिस की जांच के बाद दोनों संदिग्धों तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगा।
इस हत्याकांड में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मृतक और मुख्य आरोपी एक-दूसरे के परिचित थे। जिस युवक के साथ विक्रम का पहले से मेलजोल था, उसी पर हत्या करने का आरोप लगा है। पुरानी रंजिश और शराब के दौरान हुए विवाद को पुलिस इस वारदात की महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या से पहले दोनों के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके अलावा दूसरे आरोपी प्रवीण उर्फ भोलू की वारदात में वास्तविक भूमिका क्या थी, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह स्पष्ट करना चाहती है कि घटना के दौरान दोनों आरोपियों की गतिविधियां क्या थीं और शव को नाले में फेंकने में किसकी कितनी भूमिका रही।
पुलिस की इस कार्रवाई से हत्याकांड का प्रारंभिक खुलासा हो गया है, लेकिन जांच अभी समाप्त नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटना की पूरी कड़ी स्थापित की जाएगी। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उनकी आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
नजफगढ़ नाले में शव मिलने से शुरू हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने महज 12 घंटे में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करने का दावा किया है। अब जांच का मुख्य केंद्र हत्या के वास्तविक कारणों, इस्तेमाल की गई वस्तु से जुड़े साक्ष्यों और दोनों आरोपियों की भूमिका को पूरी तरह स्पष्ट करना है।
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