बस्ती। उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी से जुड़े चर्चित राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड में सोमवार को अदालत में गवाही की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। बस्ती की एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई के दौरान कोई भी गवाह बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित नहीं हुआ। इसके चलते अदालत को अगली सुनवाई की तारीख 1 सितंबर तय करनी पड़ी है।यह मामला करीब ढाई दशक पुराना है और लंबे समय से न्यायालय में लंबित है। राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड उत्तर प्रदेश के चर्चित मामलों में शामिल रहा है, जिसमें पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का नाम सामने आया था। अदालत में अब इस मामले की सुनवाई गवाहों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आगे बढ़नी है।
गवाही के लिए नहीं पहुंचे गवाह
बस्ती की विशेष सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट/एमपी-एमएलए कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने गवाही के लिए गवाहों को बुलाया था, लेकिन कोई भी गवाह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। गवाहों की अनुपस्थिति के कारण साक्ष्य की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।अदालत ने इससे पहले भी कई गवाहों की गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। न्यायालय का उद्देश्य है कि लंबे समय से लंबित इस मामले में गवाही की प्रक्रिया पूरी हो और मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ सके।
क्या है राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड
राहुल मद्धेशिया अपहरण मामला 6 दिसंबर 2001 का है। उस समय बस्ती जिले में कारोबारी धर्मराज मद्धेशिया के बेटे राहुल मद्धेशिया का अपहरण कर लिया गया था। बताया गया था कि राहुल स्कूल जाने के दौरान जयपुरवा रोडवेज तिराहे के पास से गायब हुआ था।मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। बाद में यूपी एसटीएफ की टीम ने राहुल को लखनऊ स्थित एक आवास से बरामद किया था। इसके बाद राहुल के पिता की शिकायत पर बस्ती कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था।जांच के दौरान पुलिस ने कई लोगों को आरोपी बनाया था। इस मामले में अमरमणि त्रिपाठी का नाम भी सामने आया था। आरोपों के बाद यह मामला प्रदेश की राजनीति में काफी चर्चा में रहा था।
कई गवाहों के बयान हो चुके हैं दर्ज
इस मामले में अब तक कई महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें उस समय बस्ती में तैनात पुलिस अधिकारी, पीड़ित राहुल मद्धेशिया के परिवार के सदस्य और अन्य गवाह शामिल हैं।रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित के भाई कृष्ण मुरारी मद्धेशिया, पुलिस अधिकारियों और अन्य गवाहों के बयान अदालत में दर्ज हो चुके हैं। हालांकि, कुछ गवाहों की गवाही अभी बाकी है, जिसके कारण सुनवाई आगे बढ़ रही है।
अमरमणि त्रिपाठी को लेकर कोर्ट सख्त
अमरमणि त्रिपाठी इस मामले में लंबे समय से अदालत में नियमित रूप से उपस्थित नहीं हुए हैं। अदालत ने पहले भी उनकी पेशी को लेकर सख्त रुख अपनाया था। मामले में न्यायालय की ओर से कई बार आदेश जारी किए गए हैं।अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों और गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मुकदमे की सुनवाई जल्द आगे बढ़ सके।
राजनीतिक गलियारों में भी रहा चर्चा का विषय
राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड उस समय काफी चर्चित हुआ था क्योंकि इसमें एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति का नाम सामने आया था। इस मामले के कारण प्रदेश की राजनीति में भी हलचल मची थी।अमरमणि त्रिपाठी उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा नाम रहे हैं। वह मंत्री पद पर भी रह चुके हैं और कई मामलों को लेकर समय-समय पर चर्चा में रहे हैं।
अब 1 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
गवाहों के अदालत में उपस्थित नहीं होने के बाद अब इस मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर को होगी। उस दिन भी गवाही की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।अदालत की कोशिश है कि सभी जरूरी गवाहों के बयान दर्ज कर मुकदमे की सुनवाई को आगे बढ़ाया जाए। लंबे समय से लंबित इस मामले में अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं।राहुल मद्धेशिया अपहरण कांड एक ऐसा मामला है, जिसने वर्षों तक उत्तर प्रदेश की राजनीति और कानून व्यवस्था की चर्चा में अपनी जगह बनाए रखी। अब अदालत में आगे की कार्रवाई गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।