लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए भ्रष्टाचार और वादाखिलाफी के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास परियोजनाओं से लेकर सरकारी योजनाओं तक हर स्तर पर कमीशनखोरी का बोलबाला है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि जनता अब भाजपा सरकार को माफ करने के मूड में नहीं है और सरकार का बढ़ता अहंकार ही उसके पतन का कारण बनेगा।
सपा प्रमुख ने जारी बयान में आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में कोई भी विभाग भ्रष्टाचार से अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चल रही बड़ी परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता की कमी है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि एक्सप्रेस-वे निर्माण, जल जीवन मिशन सहित कई योजनाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनता को विकास के नाम पर केवल प्रचार और विज्ञापनों के जरिए भ्रमित करने का काम कर रही है। जबकि जमीन पर लोगों को योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय अपनी छवि चमकाने पर ज्यादा केंद्रित है।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार देने के वादे पूरे नहीं किए गए और सरकारी भर्तियों में भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान, व्यापारी और आम नागरिक भाजपा सरकार की नीतियों से परेशान हैं और आने वाले समय में इसका जवाब देंगे।
सपा प्रमुख ने भाजपा पर राजनीतिक अहंकार का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में रहने के दौरान जनता की आवाज को नजरअंदाज करना किसी भी सरकार के लिए नुकसानदायक होता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ी ताकत होती है और समय आने पर वह अपने फैसले से सरकारों को जवाब देती है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा जनता के मुद्दों को उठाती रही है और आगे भी भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और जनसमस्याओं के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसी सरकार की जरूरत है जो दिखावे के बजाय वास्तविक विकास पर ध्यान दे और जनता के हितों को प्राथमिकता दे।
उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई योजनाओं में भारी बजट खर्च होने के बावजूद आम लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर योजनाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी से काम किया जाए तो प्रदेश के करोड़ों लोगों को इसका फायदा मिल सकता है।
अखिलेश यादव के बयान के बाद प्रदेश की सियासत में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आने का इंतजार है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह आगामी राजनीतिक लड़ाई में भ्रष्टाचार, रोजगार और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।