youth को नई तकनीक सीखने की सलाह, कपिल देव अग्रवाल बोले- कौशल से बदलेगा भविष्य

Update: 2026-07-14 13:07 GMT

Muzaffarnagar मुजफ्फरनगर :   विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने प्रदेश के युवाओं को आधुनिक कौशल अपनाने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में कौशल ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि युवाओं को समय की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्किल इंडिया मिशन, आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना जैसे अभियानों ने देश में कौशल विकास को एक बड़े अभियान का रूप दिया है। इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को नई तकनीकों और रोजगार के अवसरों से जोड़ा जा रहा है।

राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास, निवेश और रोजगार सृजन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार ने प्रशिक्षण संस्थानों का विस्तार किया है और उद्योगों की जरूरतों के अनुसार आधुनिक पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से अब तक 14 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वहीं 5.65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। वर्तमान में 49 लाख से अधिक युवा यूपीएसडीएम पोर्टल पर पंजीकृत हैं।

कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि कौशल विकास मिशन के तहत 53 क्षेत्रों की 654 ट्रेडों में युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश में लगभग 330 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) संचालित हैं, जहां 1.84 लाख से अधिक सीटों पर प्रशिक्षण की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि 98 से अधिक ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए 1,510 प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है।

मंत्री ने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, डेटा एनालिटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, सेमीकंडक्टर निर्माण, इलेक्ट्रिक वाहन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसी तकनीकों का है। उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही है।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का जिक्र करते हुए कहा कि 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के माध्यम से विद्यालय स्तर पर ही व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में शुरुआती स्तर से ही कौशल, नवाचार और उद्यमिता की भावना विकसित करना है।

राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं, ग्रामीण युवाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विशेष रूप से कौशल प्रशिक्षण से जोड़ रही है। महिला सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में 12 राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान भी संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आने वाले वर्षों में एक करोड़ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे कौशल को जीवनभर सीखने वाली प्रक्रिया मानें, नई तकनीकों को अपनाएं और उद्यमिता के रास्ते पर आगे बढ़ें।

मंत्री ने कहा कि कुशल युवा ही सक्षम समाज और समृद्ध राष्ट्र की नींव होते हैं। युवाओं की क्षमता और कौशल के बल पर ही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।

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