गाजियाबाद :  फ्लैट और दुकान बुकिंग के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में गाजियाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना नंदग्राम पुलिस की एसआईटी टीम ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक टाटा सफारी कार भी बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और इस पूरे प्रकरण में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, थाना नंदग्राम क्षेत्र में रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ मिली शिकायतों के आधार पर मुकदमे दर्ज किए गए थे। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि एम/एस एएसआर रियलटेक लिमिटेड और एम/एस राइट अर्थ इंफ्रा एलएलपी की परियोजनाओं में फ्लैट और दुकानों की बुकिंग के नाम पर उनसे भारी रकम ली गई। निवेशकों को बेहतर प्रोजेक्ट और समय पर कब्जा देने का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में कथित रूप से उनके साथ धोखाधड़ी की गई।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में 28 जून 2026 और 16 जुलाई 2026 को प्राप्त शिकायतों के आधार पर थाना नंदग्राम में मुकदमा संख्या 384/2026 और 428/2026 दर्ज किए गए थे। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने निवेशकों से करोड़ों रुपये एकत्र किए, लेकिन तय समय पर न तो फ्लैट और दुकान उपलब्ध कराई गई और न ही निवेश की गई रकम वापस की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया। एसआईटी ने शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं, जिसके आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित धोखाधड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और निवेशकों से ली गई रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।

पुलिस के अनुसार, रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में कई बार बिल्डर या कंपनियां बड़े-बड़े दावे करके लोगों से पैसा ले लेती हैं, लेकिन बाद में प्रोजेक्ट में देरी या अन्य कारणों से निवेशकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले कंपनी की पूरी जानकारी, दस्तावेज और कानूनी स्थिति की जांच जरूर करें।

गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद टाटा सफारी कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

निवेशकों ने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई कर उनकी रकम वापस दिलाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

फिलहाल एसआईटी की कार्रवाई के बाद रियल एस्टेट धोखाधड़ी के इस मामले में हलचल तेज हो गई है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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